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Publication date 15 अक्टू. 2026

ख़ुदा आपके दिल को देखता है, अदाकारी नही।

Publication date 15 अक्टू. 2026

आज मैं आपको वो कहानी सुनाऊंगा जो मेरे पिता सुनाते थे:

एक इंसान, एक बहुत बड़े पत्थर के बग़ल में रहता था। एक दिन, उसे ख़ुदा की साफ़ आवाज़ सुनाई दी: “क्या तु दिन-रात इस पत्थर को धक्का देगा?”

ख़ुदा से ऐसा सीधा और अनोखा काम मिलने पर वह इंसान बेहद ख़ुश हुआ और उसने तुरंत काम शुरू किया। पूरे ज़ोर से, पूरी लगन से, दिन-रात उस पत्थर को धक्का देने लगा, मन में यह उम्मीद रख कर कि ख़ुदा ज़रूर कोई क़माल का क़ाम करेगा।

यह अजीब मंज़र को देखकर, आस-पास के लोग भी हैरान हुए। कुछ ही पलों में उनकी जिज्ञासा, मज़ाक़ और तानों में बदल कर लफ़्ज़ों में ज़ाहिर हुई और पूँछने लगे, “तु अब तक क्यों धक्का दे रहा है? यह पत्थर अपनी जगह से थोड़ा भी हिला नही। इसका क्या फ़ायदा?” 

धीरे-धीरे उस इंसान के मन में निराशा घर करने लगी। वह रोते हुए ख़ुदा से बोला, “ऐ ख़ुदा, तूने मुझे इतना बेमतलब काम क्यों दिया? यह पत्थर अब तक, हिला ही नहीं।”

जवाब में ख़ुदा ने कहा: “मैंने तुझसे ये नहीं कहा था कि तू पत्थर को एक जगह से दूसरी जगह ज़रूर पहुँचाए। वो तो मैं एक चुटकी में कर सकता हूँ। मेरा मक़सद तो ये था कि तेरी ताक़त और सब्र बढ़े। अब ज़रा देख तू पहले से कितना मज़बूत हो गया है... है न?”

यह कहानी मुझे यीशु मसीह की “तीन सेवकों और सिक्कों” (मत्ती २५:१४–३० HERV) की कहानी याद दिलाती है। 

इस कहानी में, जब मालिक लौटता है, तो वह सेवकों के नतीजें या असफ़लता पर प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि दो सेवकों की वफ़ादारी की तारीफ़ करता है और एक आलसी सेवक को सख़्त फटकार के साथ सज़ा देता है। (मत्ती २५:२१, २६ HERV) 

वह नतीजें से ज़्यादा उनके दिलों की नियत, उनके कार्यों के ज़रिये से परख़ता है।

जिस सेवक को सख़्त फटकार के साथ सज़ा मिली, वो असफ़ल नहीं हुआ था लेकिन उसने कोशिश ही नहीं की। वह अपने मालिक के लिए सबसे आसान क़ाम भी करने के लिए तैयार नहीं था, जो था, महज़ जाकर वह धन बैंक में जमा कर देना।

ख़ुदा आपके दिल को देखता हैं, अदाकारी नहीं।

*“जिनका दिल ख़ुदा की तरफ़ पूरी तरह वफ़ादार है, उन्हें ताक़त से भरने के लिए ख़ुदा की नज़रें सारा जहाँ देख रही हैं।” – २ इतिहास १६:९ 

क्या आपको भी लगता है कि आप लगातार धक्का दे रहे हैं, पर आपका वो ‘पत्थर’ अब तक ज़रा सा भी नहीं हिला है?

याद रखिए: ख़ुदा, आपका समर्पण और सर-ए-सजदा झुकाना, आपकी मेहनत और वफ़ादारी को कभी नज़रअंदाज़ नहीं करता है। उसकी नज़र हर पल आप पर लगी हैं। 🙂

आप एक चमत्कार हैं।

Cameron Mendes
Author

Worship artist, singer-songwriter, dreamer and passionate about spreading the Gospel.