क्योंकि हम ख़ुदा की कारीगरी हैं, मसीह यीशु में भले कामों के लिए पैदा किए गए हैं, जिन्हें ख़ुदा ने हमारे लिए पहले से तय किया है।
कुछ दिन पहले, कॅमरॉन और मुझे एक ऐसी लड़की का हाथ से लिखा हुआ एक बहुत प्यारा कार्ड मिला था, जिससे हम सिर्फ़ एक बार मिले थे। उसने उस कार्ड में लिखा था कि हमारी कहानी उसके लिए कितनी बड़ी प्रेरणा बनी और हमारी ज़िंदगी ने उसकी ज़िंदगी में कितना फ़र्क़ लाया। उस कार्ड में लिखी हुई बातों ने हमारे दिलों को छू लिया। मैंने उसे अपनी डेस्क के ऊपर लगा दिया, ताकि मुझे हमेशा यह याद रहे कि जिस तरह हम अपनी ज़िंदगी जीते हैं, उससे सचमुच फ़र्क़ पड़ता है।
एक ऐसी दुनिया में जहाँ हर तरफ़ शोर, असर और लोगों की नज़रों में मशहूर होने की चाहत है, कभी-कभी ऐसा महसूस करना आसान होता है कि हमारी आवाज़ बहुत छोटी है और हम एक बड़ी भीड़ के बीच खड़े हैं। लेकिन ख़ुदा का कलाम हमें याद दिलाता है कि हमारी ज़िंदगी एक मक़सद रखती है। यह इसलिए नहीं कि हमारे पास कोई बड़ा मंच है, बल्कि इसलिए कि हमें ख़ुदा ने एक ख़ास मक़सद के साथ बनाया है।
आपकी ज़िंदगी का मक़सद इस बात से तय नहीं होता कि कितने लोग आपका नाम जानते हैं। इसका फ़ैसला उस शख़्स ने किया है जिसने आपको बनाया है।
ख़ुदा ने अपनी बुलाहट के ज़रिए आपकी ज़िंदगी की क़ीमत पहले ही तय कर दी है। पौलुस हमें याद दिलाता है:
*“क्योंकि हम ख़ुदा की कारीगरी हैं, और मसीह यीशु में उस नेक काम के लिए पैदा किए गए हैं जिसे ख़ुदा ने पहले से हमारे लिए तैयार किया है कि हम उस पर चलें।” - इफिसियों २:१०
यह आयत मुझे याद दिलाती है कि मैं कोई इत्तिफ़ाक़ नहीं हूँ। और, आप भी कोई इत्तिफ़ाक़ नहीं हैं। ख़ुदा ने आपको एक ख़ास इरादे और मोहब्बत के साथ बनाया है। जिन नेक कामों के लिए आपको बुलाया गया है, उन्हें आपके उन कामों में क़दम रखने से पहले ही तैयार कर दिया गया था।
इसका मतलब है कि आपकी रोज़मर्रा की ज़िंदगी मायने रखती है। आपकी बातचीत, सेवकाई, हौसला-अफ़ज़ाई और दूसरों के लिए आपकी मोहब्बत, इन सबकी अहमियत है। अक्सर हम जितना महसूस करते हैं, उससे कहीं ज़्यादा हमारी ज़िंदगी दूसरों पर असर डाल रही होती है। मक़सद हमेशा बड़ी और नज़र आने वाली चीज़ों में नहीं होता। कभी-कभी वह उन मामूली लम्हों में होता है जिन्हें हम ख़ुदा के हवाले कर देते हैं। और हर लम्हा मायने रखता है।
हम अपने सामने मौजूद उन ज़िम्मेदारियों और मौक़ों को ख़ुशी से अपनाएँ, यह भरोसा रखते हुए कि ख़ुदा हमारी छोटी से छोटी फ़रमाँबरदारी के ज़रिए भी काम करता हैं। यीशु मसीह हमारी ज़िंदगी को अपने मक़सद के लिए इस्तेमाल करता हैं और हमें दूसरों तक उसकी मोहब्बत पहुँचाने का मौक़ा देता हैं।
आओ, हम मिलकर दुनिया में फ़र्क़ लेकर आए और यह दुआ करें:
ऐ आसमानी पिता, तेरा शुक्र है कि तूने मुझे एक मक़सद के साथ पैदा किया है। मेरी मदद कर कि मैं अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी की अहमियत को पहचान सकूँ और उन मौक़ों को देख सकूँ जो तू मेरे सामने रखता हैं। मुझे ऐसी आँखें दें कि मैं उन नेक कामों को देख सकूँ जिन्हें तूने मेरे लिए पहले से तैयार किये है और ऐसी हिम्मत दें कि मैं वफ़ादारी से उन पर चल सकूँ। मेरी ज़िंदगी तेरी मर्ज़ी और तेरे इरादे को दिखाए। मेरी ज़िंदगी यीशु मसीह की मोहब्बत और तेरी रौशनी को दूसरों तक पहुँचाने का ज़रिया बने। यीशु मसीह के नाम में, आमीन।