हमारे रूहानी सफ़र को वीरान जगह से होकर गुज़रना ज़रूरी है, वरना हम अपनी ही मर्ज़ी और समझदारी के सहारे शिफ़ा ढूँढ़ने लगेंगे। – डैन एलेन्डर
क्या आप कभी किसी रेगिस्तान में गए हैं? 🏜️
मैं एक दिन भारत के ख़ूबसूरत रेगिस्तानों की सैर करना चाहूँगी, जैसे राजस्थान, गुज़रात या लद्दाख। लेकिन मुझे यह भी मानना होगा कि रेगिस्तान में जाने से मैं डरती भी हूँ। वहाँ की तपती गर्मी, पानी की कमी और यक़ीनन यह कोई आरामदायक सफ़र नहीं होगा, लेकिन बे-शक़ बेहद ख़ूबसूरत सफ़र होगा।
बाइबल में भी हम कई रेगिस्तानी सफ़रों के बारे में पढ़ते हैं।
- हागार, इस्माईल के साथ जंगल में भटकती रहीं, जब तक कि उसकी मुलाक़ात ख़ुदा से नहीं हुई (उत्पत्ति २१:१४-१९ HINOVBSI)।
- एलिय्याह ने रेगिस्तान में ४० दिनों तक सफ़र किया और होरेब पर्वत पहुँचा, जहाँ ख़ुदा ने ख़ुद को उस पर प्रकट किया (१ राजा १९:८-९ HINOVBSI)।
- मिस्र से निकलने के बाद, इस्राएलियों ने वादा किए हुए देश में प्रवेश करने से पहले ४० साल तक वीरान जगह भटकते हुए सफ़र किया (गिनती १४:२०-३५)।
- अपनी सार्वजनिक सेवा की शुरुआत करने से पहले, यीशु मसीह को पवित्र आत्मा वीरान जगह ले गया, जहाँ शैतान ने उसकी परीक्षा ली (मत्ती ४:१)।
बार-बार हम देखते हैं कि वीरान जगह का सफ़र अक्सर बड़ी बरकतों और नई शुरुआत से पहले आता है। यह सुनने में रोमांचक लग सकता है, लेकिन याद रखें कि वीरान जगह से गुज़रना आसान नहीं होता। और यह सफ़र मुश्किल, बेचैन करने वाला, तन्हा और बहुत लंबा लग सकता है।
हमारे रूहानी सफ़र में भी ऐसा ही होता है। ख़ुदा के साथ चलते हुए हर मसीही को कभी न कभी ऐसे रूहानी वीरान जगह से होकर गुज़रना पड़ता है।
हमारे रूहानी सफ़र को वीरान जगह से होकर गुज़रना ज़रूरी है, वरना हमारी शिफ़ा हमारी अपनी मर्ज़ी और समझदारी का नतीजा बन जाएगी। वीरान जगह की ख़ामोशी में ही हमें एहसास होता है कि हम शोर पर कितने निर्भर हो गए हैं। – डैन एलेन्डर, The Healing Path
अगर इस वक़्त आप अपनी रूहानी ज़िंदगी में सूखेपन, तन्हाई और मुश्किल दौर से गुज़र रहे हैं, तो शायद ख़ुदा ने आपको इस "वीरान जगह" में आने दिया है।
डरना मत। वीरान जगह का दौर कोई ग़लत बात नहीं है। यह एक मुश्किल, लेकिन ख़ूबसूरत सफ़र है, जिसके दूसरी तरफ़ एक नई क़ामयाबी और बरक़त आपका इंतज़ार कर रही है।