ख़ुदा परिपूर्ण लोगों की नहीं, ईमानदार लोगों की तलाश करता है।
क्या कभी आप अपनी ही परेशानी से परेशान हुए हैं? क्या कभी आपको इतना ग़ुस्सा आया हैं कि आप समझ ही नहीं पाए कि क्या करें या किसके पास जाएँ? क्या कभी आप इतने ग़म भरे पलों से गुजरें हैं कि उसका असर आपके शरीर पर भी होने लगा?
मैं इस दौर से गुज़र चुका हूँ और यह होना एक आम बात है!
बाइबल की एक बात मुझे सबसे ज़्यादा पसंद है कि वह इंसानी जज़्बात के बारे में पूरी ईमानदारी से बात करती है। जिन लोगों के बारे में हम बाइबल में पढ़ते हैं, वे कामिल नायक नहीं थे जिनका ईमान कभी नहीं डगमगाया। वे हमारी तरह ही आम लोग थे, जो असली संघर्षों से गुज़रे और उनमें परेशानी भी शामिल थी।
दाऊद अपने ग़ुनाह की वजह से टूट गया था और उसने पाक दिल के लिए ख़ुदा से फ़रियाद की। यशायाह अपनी इंसानी हालत देखकर बे-बस हो गया और रोया, *“हाय मुझ पर!”। एलियाह अपनी सेवाकाई की सबसे बड़ी जीत के बाद अपनी जान बचाकर भागा। और पतरस, यीशु मसीह का इनकार करने के बाद फूट-फूटकर रोया।
रूहानी अगुवे भी गहरी परेशानी के दौर से गुज़रते हैं।
योना ख़ुदा की दी हुई ज़िम्मेदारी से परेशान था। याक़ूब ने लिखा कि इम्तेहान हमारे ईमान को परखते हैं। और शिमशोन ने ताक़त के लिए ख़ुदा से फ़रियाद की क्योंकि उसे यह एहसास हुआ कि वह कितना गिर चुका है।
इन लोगों की ज़िंदगी मुझे एक अहम बात की याद दिलाती है। परेशानी इस बात की निशानी नहीं कि मेरा ईमान नाक़ाम हो रहा है, बल्कि यही इस बात की निशानी होती है कि मेरा ईमान मज़बूत बनाया जा रहा है।
ख़ुदा हमारे जज़्बातों से दूर नहीं भागता। वह हमें उन जज़्बातों को उसके सामने ले आने के लिए बुलाता है।
जब परेशानीयाँ हम पर हावी होने लगे, तो सबसे अच्छी बात है कि दाऊद जैसे दुआ करों:
*"ऐ ख़ुदा, मेरे अंदर एक पाक दिल पैदा कर और मेरे अंदर एक क़ायम रहने वाली रूह को नया कर।" - भजन संहिता ५१:१०
दाऊद ने यह दिखावा नहीं किया कि सब कुछ ठीक है। उसने अपना टूटा हुआ दिल सीधे ख़ुदा के सामने रख दिया।
यही काम करने के लिए ख़ुदा आपको भी बुलाता है।
अपनी परेशानी को छुपाने, इनकार करने या यह दिखावा करने के बजाय कि सब कुछ ठीक है, आओ हम अपने सच्चे दिल से ख़ुदा के सामने आएँ।
ख़ुदा क़ामिल लोगों को नहीं, वह सच्चे और ईमानदार लोगों को ढूँढ़ता है। मेरी पत्नी जेनी ने YouVersion Bible App पर बाइबल पढ़ने की एक बहुत ख़ूबसूरत सीरीज़ लिखी है, जिसमें बाइबल के ७ लोगों की उन दुआओँ के बारे में बताया गया है जो उन्होंने पूरी ईमानदारी और खुले दिल से कीं। मैं आपको इसे पढ़ने की सिफ़ारिश करता हूँ!