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Publication date 12 सित. 2026

उसने अपनी रहमत के मुताबिक़ हमें उद्धार दिया हैं।

Publication date 12 सित. 2026

मुझसे अक्सर पूछा जाता है कि मेरी ऊँचाई कितनी है, ख़ासकर जब मैं भारत में होती हूँ। सच कहूँ, तो मैं भीड़ में आसानी से नज़र आ जाती हूँ, क्योंकि मेरी लंबाई लगभग छह फ़ीट है और मैं गोरी भी हूँ। भारतीय नज़रिए से देखा जाए, तो यह थोड़ा अलग नज़ारा है। 😅

लोग मुझसे यह सवाल पूछते हैं, तो मुझे बिल्कुल बुरा नहीं लगता। लेकिन कुछ दिन पहले इसने मुझे एक बात सोचने पर मजबूर कर दिया। हमें ख़ुद को मापने की आदत होती है।

हम अपने अच्छे दिनों की तुलना अपने बुरे दिनों से करते हैं। हम उन पलों को याद करते हैं जब हमने सही फ़ैसले लिए थे और उन तमाम लम्हों से तौलते हैं, जब हमसे ग़लतियाँ हुईं। हम ख़ुद की तुलना दूसरों से करते हैं और आख़िर में हमें हमेशा यही लगता है कि हम कहीं न कहीं कम पड़ गए।

लेकिन उद्धार किसी पैमाने से नहीं मिलता।

तीतुस ३:५ में लिखा है,

*“उसने हमें हमारे नेक कामों की वजह से नहीं, बल्कि अपनी रहमत के मुताबिक़ हमे उद्धार दिया है।”

रहमत का मतलब है कि मुझे वह सज़ा नहीं मिलती, जिसका मैं हक़दार था। और फ़ज़्ल का मतलब है कि मुझे वह मिलता है, जिसका मैं हक़दार नहीं था। उद्धार में रहमत और फ़ज़्ल, दोनों अपना काम करते हैं।

अच्छे काम अहम हैं, लेकिन वे उद्धार पाने की वजह नहीं, बल्कि उद्धार का नतीजा हैं। हम उद्धार पाने के लिए अच्छे काम नहीं करते, बल्कि इसलिए करते हैं क्योंकि हमें उद्धार मिल चुका है।

जब मुझे यह बात याद आती है, तो मेरी सोच ही बदल जाती है। मैं ख़ुदा की मोहब्बत कमाने के लिए उसकी सेवा नहीं करती, बल्कि इसलिए करती हूँ क्योंकि उसकी मोहब्बत मैं पहले से ही पा चुकी हूँ।

आज के चमत्कार का प्रोस्ताहन यह है कि हमारी ज़िंदगी इस बात पर नहीं टिकी कि हमने ख़ुदा के लिए क्या किया है, बल्कि इस पर कि ख़ुदा ने हमारे लिए क्या किया है।

आओ, मिलकर दुआ करें:

ऐ आसमानी पिता, तेरा शुक्रिया कि मुझे तेरी मोहब्बत कमाने की ज़रूरत नहीं है। मेरी ज़िंदगी के अच्छे काम शुक्रगुज़ारी से निकलें, न कि क़ुसूरवार होने के एहसास से। मेरे दिल को ऐसा बना कि मैं जो कुछ भी करूँ, उसमें वही रहमत दिखाई दे जो तूने मुझ पर की है। यीशु मसीह के नाम में, आमीन।

आप एक चमत्कार हैं।

Jenny Mendes
Author

Purpose-driven voice, creator and storyteller with a passion for discipleship and a deep love for Jesus and India.