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Publication date 10 सित. 2026

उद्धार की शुरुआत और अंजाम भी यीशु मसीह है।

Publication date 10 सित. 2026

मुझे घर के छोटे बड़े काम अपने हाथों से करना बहुत पसंद है, ताकि घर और भी ख़ूबसूरत लगे। जब मैं बिना किसी की मदद के कुछ बना लेती हूँ या किसी चीज़ को ठीक कर लेती हूँ, तो मुझे बहुत ख़ुशी होती है। जैसे, मुझे दीवारों और फ़र्नीचर पर रंग लगाना, वॉलपेपर लगाना और दीवारों में ड्रिल करके तस्वीरें या शेल्फ़ वगैरह टाँगना भी पसंद हैं।

लेकिन मुझे अपनी हदें भी अच्छी तरह मालूम हैं। जब बिजली या प्लंबिंग का काम होता है, तो मैं किसी माहिर कारीगर को ही बुलाती हूँ। 👨🏻‍🔧

उद्धार पाने में सबसे बड़ी रुकावटों में से एक है ख़ुद पर भरोसा करना। हममें से बहुत से लोग सोचते हैं कि हम ख़ुद ही अपने लिए काफ़ी है। हमें लगता है कि हमारी "अच्छाई" ही हमें बचाने के लिए काफ़ी है।

लेकिन कलाम साफ़ तौर पर कहता है:

*"किसी दूसरे के ज़रिए उद्धार नहीं, क्योंकि आसमान के नीचे आदमियों को कोई दूसरा नाम नहीं दिया गया, जिसके ज़रिए हम उद्धार पा सकें।" - प्रेरितों के काम ४:१२

यह बात बिल्कुल साफ़ है। मशहुर बात नहीं, लेकिन यही सच्चाई है।

हम अपने अच्छे कामों, नेक मेहनत, या मज़हबी रस्मों के ज़रिए ख़ुद को नहीं बचा सकते। हम अपने अंदर की टूटी हुई हालत को ख़ुद ठीक नहीं कर सकते। अगर हम ऐसा कर सकते, तो यीशु मसीह को हमें बचाने के लिए आने की ज़रूरत ही नहीं पड़ती!

मैं यह बात अपनी ज़िंदगी के तजुर्बे से कह रही हूँ। मैंने कई बार ख़ुद को बदलने की कोशिश की है। मैंने अपने आप से वादे किए। मैंने रूहानी मक़सद बनाए। मैंने अपने लिए सूची भी तैयार की, लेकिन मैं बार बार नाकाम रही, और उसी नाकामी ने मुझे एक अहम सबक सिखाया। उद्धार की शुरुआत मुझसे नहीं होती और उसका अंजाम भी मुझसे ख़त्म नहीं होता। 

उद्धार की शुरुआत और अंजाम भी यीशु मसीह है। हमे उद्धार देने में यीशु मसीह ही माहिर है और वह हर बार हमारे अंदर की टूटी हुई चीज़ों को ठीक करता है।

यह बात हमें विनम्र भी करती है और आज़ादी भी देती है।

आज के चमत्कार का प्रोस्ताहन यह है कि उद्धार का एक ही रास्ता है और वह यीशु मसीह है। उसी के ज़रिए आप अपने असली घर, यानी ख़ुदा के पास लौट सकते हैं। 

आओ, मिलकर दुआ करें:

ऐ आसमानी पिता, मुझे माफ़ कर कि मैंने कई बार ख़ुद को अपनी ताक़त से बचाने की कोशिश की है। आज मैं अपने ख़ुद पर भरोसे को तेरे हवाले करती हूँ। शुक्रिया कि मेरी उम्मीद सिर्फ़ तुझ पर टिकी है। मुझे हर दिन तुझ पर भरोसा करना सिखा। यीशु मसीह के नाम में, आमीन।

आप एक चमत्कार हैं।

Jenny Mendes
Author

Purpose-driven voice, creator and storyteller with a passion for discipleship and a deep love for Jesus and India.