क्योंकि फ़ज़्ल ही से तुम्हारा ईमान के ज़रिए उद्धार हुआ है और यह तुम्हारी तरफ़ से नहीं, बल्कि ख़ुदा की बख़्शिश है।
अगर मेरा उद्धार मेरे अपने कामों पर निर्भर होता, तो मैं बड़ी मुसीबत में होती। शायद आप भी।
बाइबल कहती है:
"क्योंकि फ़ज़्ल ही से तुम्हारा ईमान के ज़रिए उद्धार हुआ है और यह तुम्हारी तरफ़ से नहीं, बल्कि ख़ुदा की बख़्शिश है।" – इफ़िसियों २:८
फ़ज़्ल का मतलब है वह मेहरबानी, जिसके हम हक़दार नहीं थे। इसका मतलब है कि मैं इसे कमा नहीं सकती, हासिल नहीं कर सकती, इसके लायक़ नहीं ठहर सकती और ख़ुदा इसे बस अपनी रहमत से देता है।
कॅमरॉन और मैंने अपनी ज़िंदगी में एक ऐसा दौर देखा, जब हमारे बेटे ज़ैक की देखभाल इतनी मुश्किल और रोज़मर्रा का काम बन गई थी कि उसने हमें अंदर से तोड़ दिया था। उसकी हालत की वजह से उसे चौबीसों घंटे निगरानी की ज़रूरत थी, ताकि वह ठीक से साँस ले सके। उसे हर छोटे-बड़े काम में मदद की ज़रूरत थी। उसकी देखभाल दो लोगों की पूरे वक़्त की ज़िम्मेदारी बन गई थी।
हमारे दोस्तों और परिवार ने हमारी हालत देखी। उनमें से बहुत-से लोगों ने अपना वक़्त दिया, हमारी मदद की और यहाँ तक कि इलाज का ख़र्च उठाने के लिए आर्थिक सहायता भी दी। उन्होंने वह बोझ उठाने में हमारा साथ दिया, जिसे हम अकेले नहीं उठा सकते थे।
आज भी यह बात मुझे गहराई से विनम्र कर देती है, क्योंकि हम उस तरह की दरियादिली के हक़दार नहीं थे, फ़िर भी हमारे अपनों ने वह हमारे लिए दिखाई। यही फ़ज़्ल है और यही काम यीशु मसीह ने हमारे लिए किया, बल्कि उससे कहीं बढ़कर।
फ़ज़्ल क्रूस से बहता है। यीशु मसीह ने वह सज़ा अपने ऊपर ले ली, जिसकी हक़दार मैं थी, ताकि मुझे वह मिल सके, जिसकी मैं हक़दार नहीं थी। उसने मेरे ग़ुनाहों की सज़ा अपने ऊपर उठा ली, ताकि बदले में मैं आज़ादी और नई ज़िंदगी पा सकूँ।
फ़ज़्ल हमारे घमंड को तोड़ देता है। इसलिए मैं किसी बात का फ़ख़्र नहीं कर सकती। मैं इसका श्रेय ख़ुद को नहीं दे सकती। मैं इतनी क़ाबिल नहीं हूँ, जिससे मैं मेरे उद्धार की हक़दार बन जाऊँ। मैं तो सिर्फ़ उस तोहफ़े को क़ुबूल कर सकती हूँ, जो यीशु मसीह देता है और जिसकी क़ीमत वह पहले ही अदा कर चुका है।
आज के चमत्कार का प्रोस्ताहन यह है कि ख़ुदा का फ़ज़्ल अभी, इसी वक़्त आपके लिए मौजूद है।
आओ, मिलकर दुआ करें:
ऐ आसमानी पिता, तेरे फ़ज़्ल के लिए तेरा शुक्रिया। शुक्रिया कि मेरा उद्धार मेरे कामों पर नहीं, बल्कि तेरी रहमत पर क़ायम है। मेरी मदद कर कि मैं आज तेरे फ़ज़्ल की आज़ादी में जी सकूँ। मेरे अंदर के हर घमंड को दूर कर और मुझे सिखा कि मैं उस तोहफ़े को क़ुबूल करूँ, जो तू मुझे मुफ़्त में देता है। यीशु मसीह के नाम में, आमीन।