ख़ुदा के कलाम में किए गए वादों को याद करें।
इस हफ़्ते हम इस बात पर ग़ौर कर रहे हैं कि दाऊद ने अपनी ज़िंदगी के सबसे मुश्किल दौर से गुज़रतें हुए, ख़ुदा में कैसे ताक़त पाई। (१ शमूएल ३०:६)
दाऊद की एक ख़ास बात यह थी कि वह बार-बार ख़ुद को ख़ुदा के किए हुए वादे याद दिलाता था। मिसाल के तौर पर, भजन संहिता १३२ में दाऊद यह वादा याद करता है:
*"ख़ुदावंद ने दाऊद से क़सम खाकर एक ऐसा पक्का वादा किया है, जिससे वह कभी नहीं फिरेगा, 'मैं तेरी ही औलाद में से एक को तेरे सिंहासन पर बैठाऊँगा।'" - भजन संहिता १३२:११
दाऊद अच्छी तरह जानता था कि ख़ुदा के वादों को थामे रखना एक ऐसा अहम ज़रिया है, जो आपकी नज़र ख़ुदा पर टिकाए रखता है और आपको हालात के बहकावे में आने नहीं देता।
आज की अहम बात यह है कि समझौते नहीं, बल्कि ख़ुदा के वादों को थामे रखें।
जब हमारा ध्यान भटक जाता है, तो हम आसानी से दुनिया की लुभाने वाली बातों और आज़माइशों में फँस जाते हैं। इसलिए इब्रानियों की क़िताब में लिखा है:
*"आओ, हम सब कुछ उतारें जो हमारे लिए रुकावट का ज़रिया बन गया है, हर ग़ुनाह को जो हमें आसानी से उलझा लेता है। और उस दौड़ को सब्र के साथ दौड़ें जो हमारे सामने रखी गई है। हमारी नज़रें यीशु मसीह पर लगी रहें, जो हमारे ईमान का बानी और उसे पूरा करने वाला है।" - इब्रानियों १२:१-२ HINOVBSI
अगर आप ख़ुदा में ताक़त पाना चाहते हैं और इस दुनिया की आज़माइशों में गिरने से बचना चाहते हैं, तो ख़ुदा के कलाम में किए गए उसके वादों को ख़ुद को बार-बार याद दिलाए। आपकी मदद के लिए मैंने एक छोटी-सी वादों की सूची तैयार की है।
ख़ुदा ने वादा किया है:
- जब आपको ज़रूरत होगी, वह आपको बुद्धि देगा। (याक़ूब १:५)
- वह अपनी दौलतमंदी के मुताबिक़ आपकी हर ज़रूरत पूरी करेगा। (फिलिप्पियों ४:१९)
- अगर आप अपने ग़ुनाहों का इक़रार करेंगे, तो वह आपको माफ़ी देगा। (१ यूहन्ना १:९)
- वह अपने पाक रूह के ज़रिए आपको सुक़ून, सब्र और आत्म-संयम देगा। (गलातियों ५:२२-२३)
- आपको सारी बीमारियों से आज़ादी देगा। (१ पतरस २:२४)
- वह आपको हर ख़तरे से महफ़ूज़ रखेगा। (भजन संहिता ९१:१०)
- वह आपको आपके हर डर से छुड़ाएगा। (भजन संहिता ३४:४)
- वह आपके हर दर्द में आपको तसल्ली देगा। (प्रकाशितवाक्य २१:४)