एक मसीही हमेशा उम्मीद से भरा रह सकता है, क्योंकि हम जानते हैं कि आगे क्या आने वाला है। — बिली ग्राहम
"वह सब कुछ नया कर देता है" इस सीरीज़ के आख़री दिन में आपका स्वागत है। इस पूरी सीरीज़ में हमने उन ७ बातों के बारे में जाना, जिन्हें ख़ुदा नया करना चाहता है।
अब तक हमने देखा कि ख़ुदा हमें, हमारे दिल, मन, रूह, नज़र और यहाँ तक कि हमारे नाम को भी नया करना चाहता है। लेकिन उसका काम यहीं नहीं रुकता। एक दिन वह पूरे आसमान और पूरी ज़मीन को भी नया कर देगा।
यूहन्ना ने इसे एक दर्शन में देखा:
"फिर मैंने एक नया आसमान और एक नई ज़मीन देखी, क्योंकि पहला आसमान और पहली ज़मीन जाती रही थी। तब मैंने पवित्र नगर, नया यरूशलेम को ख़ुदा के पास से आसमान से उतरते देखा, जो अपने दूल्हे के लिए सजी हुई दुल्हन की तरह तैयार किया गया था।" - प्रकाशितवाक्य २१:१-२ HINOVBSI
और नबी यशायाह के ज़रिए ख़ुदा ने पहले ही बता दिया था कि उस नए आसमान और नई ज़मीन में:
"पहली बातें न तो याद की जाएँगी और न ही मन में आएँगी। इसलिए जो कुछ मैं रचता हूँ, उसमें हमेशा आनंदित और मगन रहो।" - यशायाह ६५:१७-१८ HINOVBSI
क्या आप ज़रा सोच सकते हैं? ऐसी जगह जहाँ न आँसू होंगे, न मौत, न शोक, न रोना और न ही दर्द (प्रकाशितवाक्य २१:४)। जहाँ सड़कों पर सोना बिछाया होगा और फाटक मोतियों के बने होंगे (प्रकाशितवाक्य २१:२१)। पतरस उस जगह को ऐसा स्थान बताता है, जहाँ सिर्फ़ रास्तबाज़ी बसती है (२ पतरस ३:१३)।
आज इस दुनिया में आप चाहे जिस भी मुश्किल, नाइंसाफ़ी या दर्द से गुज़र रहे हों, आपके सामने एक ऐसी शानदार उम्मीद है, जिसका कोई मुक़ाबला नहीं!
इसलिए एक मसीही हमेशा उम्मीद से भरा रह सकता है, इसी वजह से वह हर हाल में मुस्कुरा सकता है। क्योंकि हम जानते हैं कि आगे क्या आने वाला है। - बिली ग्राहम