देखो, मैं सब कुछ नया कर रहा हूँ! — प्रकाशित वाक्य २१:५
क्या कभी इस दुनिया की हालत देखकर आपका हौसला टूटता है? मेरा हौसला तो कई बार टूटा है। जब मैं जंगो, गुनाहों और आपदाओं की ख़बरें देखती हूँ, तो दिल में यह सवाल उठता है, "आख़िर यह दुनिया किस तरफ़ जा रही है?"
ऐसे वक़्त, मुझे ख़ुदा का वह वादा याद आता है कि एक दिन वह सब कुछ नया कर देगा।
*"वह उनकी आँखों से हर आँसू पोंछ देगा। फ़िर न मौत रहेगी, न मातम, न रोना और न दर्द, क्योंकि पुरानी बातें बीत गई हैं। जो सिंहासन पर बैठा था, उसने कहा, 'देखो, मैं सब कुछ नया कर रहा हूँ!'" - प्रकाशित वाक्य २१:४-५ HINOVBSI
ख़ुदा ने जिस नई दुनिया का वादा किया है, वह अद्भुत होगी। लेकिन अच्छी ख़बर यह है कि वह नया करने का काम अभी से शुरू हो चुका है। यहीं और अभी, हमारे अंदर!
पौलुस सिखाता है कि जिन सबसे अहम बातों को ख़ुदा हमारे अंदर नया करना चाहता है, उनमें से एक हमारा मन है:
*"इस जहान के सदृश न बनो, बल्कि अपने मन के नए हो जाने से बदलते जाइए, ख़ुदा की नेक और पसंदीदा और कामिल मर्ज़ी क्या है, जो अच्छी, भली और सिद्ध है।" - रोमियों १२:२
तो फ़िर एक बदला हुआ और नया मन कैसा होता है?
वह उन बातों पर ग़ौर करता है जो सच्ची, नेक, सही, पाक, सुंदर, सराहने योग्य, उत्तम और तारीफ़ के योग्य हैं। फिलिप्पियों ४:८ दूसरे अल्फ़ाज़ में कहें, तो ऐसा मन उम्मीद और भरोसे से भरा होता है।
ऐसा मन सुक़ून से भी भरा होता है, क्योंकि वह ख़ुदा पर भरोसा रखता है। यशायाह २६:३
और आख़िर में, नया किया हुआ ज़हन अनचाहे ख़यालात में नहीं उलझता, बल्कि ख़ुदा की फ़रमाबरदारी पर ग़ौर करता है। - २ कुरिन्थियों १०:३-६
क्या आप भी ऐसा मन चाहेंगे?
आओ, मिलकर दुआ करें।
ऐ आसमानी पिता, हम ऐसे संसार में जी रहे हैं जो गुनाह, दर्द और ग़म से भरा हुआ है। फ़िर भी, एक नए मन के वादे के लिए तेरा शुक्रिया। मेरे मन को मेरे ख़यालों से नहीं, बल्कि तेरे ख़यालों से भर दे। मेरी फ़िक्र की जगह तेरा सुक़ून मुझे दे। मैं अपना मन तेरे हवाले करती हूँ। मेरी ज़िंदगी में तेरी मर्ज़ी पूरी कर। यीशु मसीह के नाम में, आमीन।