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Publication date 17 अग. 2026

जो कोई यीशु मसीह से रूबरू होता है, वह पहले जैसा नहीं रह सकता।

Publication date 17 अग. 2026

सेवकाई की सबसे ख़ूबसूरत बातों में से एक यह है कि मुझे लोगों की ज़िंदगियों को बदलते हुए देखने और यह सुनने का मौक़ा मिलता है कि ख़ुदा ने उनकी ज़िंदगी में कितने अद्भुत काम किए हैं। ऐसा ही एक शख़्स, जो अपनी गवाही की ताक़त को अच्छी तरह समझता था, वह है पौलुस।

यरूशलेम में पौलुस का सामना एक ऐसी भीड़ से होता है जो उसे मार डालना चाहती थी (प्रेरितों के काम २१:३५-३६ HINOVBSI)। लेकिन छिपने या अपना बचाव करने के बजाय, वह उन्हें अपनी कहानी सुनाता है। 

वह बताता है कि कैसे वह पहले कलीसिया को सताने वाला था, फ़िर डमस्कस के रास्ते में उसकी मुलाक़ात यीशु मसीह से हुई और कैसे उसे प्रेरित होने के लिए बुलाया गया। हर एक लफ्ज़ प्रभावशाली था और ईमानदार भी। वह सिर्फ़ अपनी क़ामयाबियों को ही नहीं, बल्कि अपनी ग़लतियों की भी बात करता था। 

वह दिखाता है कि ख़ुदा का फ़ज़्ल इंसान की ज़िंदगी में गहरा बदलाव ला सकता है। जो कोई यीशु मसीह से रूबरू होता है, वह पहले जैसा नहीं रह सकता।

लेकिन जब पौलुस यह बताता है कि ख़ुदा ने उसे अन्यजातियों के पास भेजा है, तो माहौल बदल जाता है और भीड़ फ़िर उसके ख़िलाफ़ हो जाती है। 

फ़ज़्ल तब तक क़बूल किया जाता है, जब तक वह हमारी बनाई हुई हदों को नहीं तोड़ता। 

फ़िर भी पौलुस अपनी हिफ़ाज़त पर नहीं, बल्कि ख़ुदा पर भरोसा रखता है। उसकी गवाही असर करती है; यहाँ तक कि एक रोमी सूबेदार भी समझ जाता है कि पौलुस के साथ नाइंसाफी हो रही है और वह उसकी हिफ़ाज़त के लिए सामने आता है।

अक्सर हमारी सबसे प्रभावशाली गवाही हमारी अपनी कहानी होती है, ईमानदारी से सुनाई गई और यीशु मसीह के साथ एक सच्ची मुलाक़ात पर आधारित। यह कोई धर्मशास्त्रीय बहस नहीं, बल्कि बदली हुई ज़िंदगी की कहानी होती है।

आख़िरकार, गवाह वह नहीं जो हर सवाल का जवाब जानता हो। गवाह वह है जिसने ख़ुद कुछ अनुभव किया हो और उसके बारे में चुप न रह सके।

आज आपकी गवाही किसके लिए उम्मीद बन सकती है?

मैं भी आपकी गवाही सुनना चाहूँगा। क्या आप अपनी गवाही मेरे साथ साझा करेंगे? आप यहाँ अपनी गवाही लिख सकते हैं।

आप एक चमत्कार हैं।

Cameron Mendes
Author

Worship artist, singer-songwriter, dreamer and passionate about spreading the Gospel.