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Publication date 16 अग. 2026

फ़रमाबरदारी एक भरोसेमंद ख़ुदा के हाथों में रखा गया क़दम है।

Publication date 16 अग. 2026

जब मैं पहली बार भारत आई, तो मुझे पता था कि यह सफ़र बिना जोखिम के नहीं होगा। उसी समय निर्भया की दर्दनाक घटना हुई थी, जिसने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया था और भारत में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बड़ी बहस छिड़ी हुई थी। बहुत-से लोगों ने मुझसे कहा कि मुझे भारत नहीं जाना चाहिए। उनका मानना था कि एक जवान गोरी विदेशी महिला होने के नाते मैं यहाँ महफूज़ नहीं रहूँगी। लेकिन फ़िर भी मैं आई, क्योंकि मुझे पूरा यक़ीन था कि ख़ुदा मुझे यहाँ बुला रहा है।

जब पौलुस यरूशलेम की ओर सफ़र कर रहा था, तो उसे कई बार सावधान किया गया था। नबियों ने उसके क़ैद होने की बात कही। उसके दोस्तों ने उससे बिनती की, कि वह वहाँ न जाए। लेकिन पौलुस ने जवाब दिया, 

*“आप क्यों रोते और मेरा दिल तोड़ते हैं? मैं यीशु मसीह के नाम की ख़ातिर यरूशलेम में न सिर्फ़ बाँधे जाने बल्कि उसके लिए अपनी जान तक देने को तैयार हूँ।”(प्रेरितों के काम २१:१३

यह लापरवाही नहीं, बल्कि अटल ईमान था। पौलुस जानता था कि फ़रमाबरदारी, हिफ़ाज़त से ज़्यादा मायने रखती है।

यरूशलेम में पौलुस यहूदी और अन्यजाति विश्वासियों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करता है। फ़िर भी अशांति फ़ैल जाती है। झूठे इल्ज़ामों की वजह से भीड़ हिंसक हो जाती है और पौलुस को गिरफ़्तार कर लिया जाता है।

एक बार फ़िर ऐसा लगता है मानो कहानी बिगड़ रही हो। लेकिन हक़ीक़त में यह रोम की ओर बढ़ रही थी, ठीक वैसे ही जैसे यीशु मसीह ने प्रेरितों के काम अध्याय १ में कहा था। सुसमाचार दुनिया के हर कोने-कोने तक पहुँचेगा।

कभी-कभी फ़रमाबरदारी आपको ठीक वहीं ले जाती है, जहाँ आप जाना नहीं चाहते। यह इसलिए नहीं कि ख़ुदा नाकाम हो गया है, बल्कि इसलिए कि उसकी राह हमारे आराम और यक़ीनी समझ की चाहत से कहीं बड़ी है। जो बात देखने वालों को नुक़सान लगती है, उसकी ख़ुदा के हाथों में तरक़्क़ी हो सकती है। जो ठहराव दिखाई देता है, वह भी उसकी योजना का हिस्सा हो सकता है।

पौलुस अपनी आज़ादी खो देता है, लेकिन सुसमाचार बाँटने में एक क़दम भी पीछे नहीं हटाता। फ़रमाबरदारी अंधेरे में लगाई गई छलांग नहीं है; यह एक भरोसेमंद ख़ुदा के हाथों में रखा गया क़दम है।

क्या आप फ़रमाबरदारी के लिए क़ीमत चुकाने को राज़ी है?

आओ मिलकर दुआ करें:

ऐ आसमानी पिता, मुझे तेरी राहें दिखा और एक बच्चे की तरह मेरी अगुवाई कर, जो तेरे पीछे-पीछे चलता है। अगर मुझमें आगे बढ़ने का साहस कम पड़ जाए, तो मुझे तसल्ली दे, हौसला बख़्श और फ़िर से मज़बूत कर। यीशु मसीह के नाम में,आमीन।

आप एक चमत्कार हैं।

Jenny Mendes
Author

Purpose-driven voice, creator and storyteller with a passion for discipleship and a deep love for Jesus and India.