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Publication date 15 अग. 2026

रूहानी अगुवाई का मूल है, ऐसी ज़िंदगी, जो ख़ुद को दूसरों के लिए अर्पित कर दे।

Publication date 15 अग. 2026

आपको स्वतंत्रता दिन मुबारक़!!

क्या आपको कभी ऐसा महसूस होता है कि कुछ बुरा होने वाला है? या फ़िर यह एहसास होता है कि आपकी ज़िंदगी में कुछ बदलने वाला है?

शायद प्रेरितों के काम, अध्याय २० में पौलुस भी कुछ ऐसा ही महसूस कर रहा था, क्योंकि वह कहता है...

*”मैं यरूशलेम जा रहा हूँ, मैं नहीं जानता कि मेरे साथ क्या होगा, लेकिन इतना मुझे मालूम है कि पवित्र आत्मा मुझे शहर बशहर इस बात से आगाह कर रहा है कि मुझे क़ैद और मुसीबतों का सामना करना पड़ेगा।“ प्रेरितों के काम २०:२२-२३ HINOVBSI

उसने इफिसुस के अगुवों को बुलाकर उनसे विदाई की बात की। पौलुस उनके साथ घुटने टेककर दुआ करता है। वे उसे गले लगाते हैं, चूमते हैं, शोक मनाते हैं और आँसू बहाते हैं। सबसे ज़्यादा उन्हें इस बात का दुःख था कि वे उसका चेहरा फ़िर कभी नहीं देख पाएँगे। 

लेकिन पौलुस उन्हें डर और मायूसी में नहीं छोड़ता। वह उन्हें ख़ुदा और उसके फ़ज़्ल के वचन के हवाले करता है, जो उन्हें मज़बूत बनाने की सामर्थ्य रखता है। कलीसिया की हिफ़ाज़त आख़िर पौलुस नहीं, बल्कि ख़ुदा ख़ुद करेगा।

उसकी आख़री याद भी ज़्यादा प्रभावशाली है। उसने किसी के चाँदी या वस्त्रों का लालच नहीं किया। उसने अपने हाथों से मेहनत करके काम किया। फ़िर वह उन्हें यीशु मसीह के इन लफ़्ज़ों की याद दिलाता है: *“देना, लेने से भी मुबारक़ बात है।” (प्रेरितों के काम २०:३५)

यहाँ हम रूहानी अगुवाई का मूल देखते हैं: ऐसी ज़िंदगी जो ख़ुद को दूसरों के लिए बहाल कर देती है। न धन की लालसा, न पद की चाह, न हिफ़ाज़त की परवाह, बल्कि समर्पण, उदारता और ख़ुदा पर भरोसा। 

प्रेरितों के काम अध्याय २० हमें एक गहरा सवाल पूछने के लिए उत्साहित करता है: अगर आज हमारा आख़री दिन है, तो क्या हम कह सकतें हैं कि हमने ख़ुद लिए कुछ भी नहीं रखा? हमने हमारी दौड़ ख़ुशी के साथ पूरी की? 

जब आप अपनी ज़िंदगी को पीछे मुड़कर देखते हैं, तो आपके दिल में सबसे गहरा एहसास क्या उभरता है?

अगर आपको अपने आख़री दिन में भाषण करने का मौक़ा मिले, तो आप क्या कहना चाहेंगे कि लोग याद रखें?

आप एक चमत्कार हैं।

Jenny Mendes
Author

Purpose-driven voice, creator and storyteller with a passion for discipleship and a deep love for Jesus and India.