ख़ुदा की बादशाहत मुश्किल हालातों के बीच भी बढ़ती रहती है।
क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि जिन्हें आप अपना दोस्त, या कम-से-कम जिसे अपना हमदर्द समझते थे, वही अचानक आपके ख़िलाफ़ हो गए हों?
मेरे साथ ऐसा कई बार हुआ है। कभी-कभी जो लोग मेरे संगीत को पसंद करते हैं, वे मेरी किसी बात, फ़ैसले या साझा की गई बात से असहमत हो जाते हैं और फ़िर सोशल मीडिया पर मेरे बारे में बुरी-बुरी बातें लिखने लगते हैं। शुक्र है, अब तक उनमें से किसी ने मुझे मारने की कोशिश नहीं की! 😅
प्रेरितों के काम अध्याय १४ में हम पढ़ते हैं, पौलुस और बरनबास आगे बढ़े और सबसे पहले आराधनालय में गए। अन्ताकिया में हुए सताव ने उनके साहस और सुसमाचार सुनाने के जोश को कम नहीं किया था। वे इस तरह बोलते थे कि कई यहूदी और गैर-यहूदी मसीही ईमान में दाख़िल हो जाते थे। लेकिन साथ ही विभाजन भी हो जाता था।
ख़ुदा ने पौलुस और बरनबास को चमत्कार करने की ताक़त दी थी।
लुस्त्रा में पौलुस ने एक लकवे के मारे हुए इंसान को चंगा किया। लोगों की प्रतिक्रिया हैरान कर देने वाली थी। भीड़ ने सोचा कि ख़ुदा इंसान के रूप में उनके बीच उतर आया हैं। वे पौलुस और बरनबास की इबादत करने तक को तैयार हो गए। लेकिन थोड़ी ही देर बाद माहौल पूरी तरह बदल गया। विरोधियों ने भीड़ को भड़का दिया और उसी भीड़ ने पौलुस पर पथराव किया और उसे मरा हुआ समझकर शहर के बाहर फेंक दिया।
एक ही अध्याय में इज्ज़त से निंदा तक का सफ़र दिखाई देता है।
फ़िर भी पौलुस उठ खड़ा हुआ और उसने अपना काम जारी रखा। बाद में वह उन्हीं जगहों पर लौटता है जहाँ उसका विरोध हुआ था, ताकि चेलों को हिम्मत दे सके। उसका पैग़ाम हक़ीक़ी था: "लाज़िम है कि हम कई मुसीबतों में से गुज़रकर ख़ुदा की बादशाही में दाख़िल हों।” (प्रेरितों के काम १४:२२)
यह कोई मशहुर पैग़ाम नहीं था, लेकिन सच्चा था। सफ़लता और ग़म कई बार एक-दूसरे के बहुत क़रीब होते हैं। यीशु मसीह के प्रति वफ़ादार रहने का मतलब यह नहीं कि ज़िंदगी हमेशा आसान होगी। लेकिन ख़ुदा की बादशाहत मुश्किल हालातों के बीच भी बढ़ती रहती है।
क्या आप उम्मीद करते हैं कि ईमान ज़िंदगी को आसान बना देगा, या फ़िर मुश्किल हालातों में भी आप ख़ुदा पर भरोसा रखते हैं?
आओ मिलकर दुआ करें:
ऐ आसमानी पिता, मेरी मदद कर कि मैं आज़माइशों में मज़बूती से क़ायम रहूँ। मुझे सब्र के साथ चलना सिखा, उम्मीद के साथ जीना सिखा, मुश्किल हालातों में तेरे इंतज़ार में ठहरना सिखा और दुआ में वफ़ादार बने रहने की तौफ़ीक़ दे। यीशु मसीह के नाम में, आमीन।