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Publication date 8 अग. 2026

कलीसिया सिर्फ़ इकट्ठा नहीं, बल्कि ख़ुदा के कार्य के प्रति भेजने के लिए भी है।

Publication date 8 अग. 2026

हम अब भी प्रेरितों के काम की क़िताब का सफ़र जारी रखे हुए हैं, हर दिन एक अध्याय। आज हम प्रेरितों के काम, अध्याय १३ पर पहुँच गए हैं, जहाँ हम अन्ताकिया की उस कलीसिया के बारे में पढ़ते हैं, जो ख़ूब फैल रही थी। 

नबी और शिक्षक मिलकर सेवा कर रहे थे। जब वे उपवास रखकर और ख़ुदा की इबादत कर रहे थे, तब पवित्र आत्मा ने कहा: “बरनबास और शाऊल को उस ख़ास काम के लिए अलग करो जिसके लिए मैंने उन्हें बुलाया है।” (प्रेरितों के काम १३:२) यहीं से उस ख़ास कार्य की शुरुआत होती है, किसी रणनीति या योजना से नहीं, बल्कि इबादत से।

कलीसिया ने बरनबास और शाऊल पर हाथ रखकर उनके लिए दुआ की और उन्हें रवाना किया। इसी के साथ इतिहास का पहला मिशनरी सफ़र शुरू हुआ। साइप्रस और बाद में पिसिदिया में उन्होंने यीशु मसीह का प्रचार किया और बताया कि वह इस्राएल से किए गए ख़ुदा के वादों की पूर्णता हैं। कुछ लोगों ने यह संदेश ख़ुशी से स्वीकार किया, जबकि दूसरों ने जलन और विरोध दिखाया।

तब पौलुस एक अहम वाक्य कहता हैं: *“अब हम गैर-यहूदियों की ओर रुख़ करते हैं।” (प्रेरितों के काम १३:४६) सुसमाचार सिर्फ़ कुछ लोगों के समूह तक सीमित नहीं है। जो कभी अब्राहम से वादा किया गया था, कि सभी जातियाँ उसके द्वारा बरक़त पाएँगी, अब स्पष्ट रूप से पूरा होते हुए दिखाई देने लगा था।

प्रेरितों के काम अध्याय १३ हमें सिखाता है कि कलीसिया सिर्फ़ इकट्ठा होने के लिए नहीं, बल्कि ख़ुदा के ख़ास कार्य के प्रति भेजने के लिए भी है। पवित्र आत्मा बुलाता है, कलीसिया उस बुलाहट को पक्का करती है और लोग फ़रमाबरदारी में आगे बढ़ते हैं। जब आप “मिशन” शब्द सुनते हैं, तो शायद आपके मन में दूर-दराज़ देशों की तस्वीर आती होगी। लेकिन अपने असल मायने में “मिशन” या “सुसमाचार प्रचारक” का मतलब है, जहाँ भी ख़ुदा आपको रखे, वहाँ उसके काम के लिए हाज़िर रहना। 

यीशु मसीह ने जो मिशन हमें सौंपा है, उसे पूरा करने के लिए हम सबको किसी दूसरे देश जाने की ज़रूरत नहीं है। उसने हमें सुसमाचार सुनाने, सिखाने, बपतिस्मा देने, चेले बनाने, बीमारों के लिए दुआ करने, भूखों को भोजन देने, ग़रीबों की देखभाल करने और अजनबियों का स्वागत करने के लिए बुलाया है (मत्ती २८:१९-२० और मत्ती २५:३५-४०)।

आप जहाँ भी हैं, वहीं से आज ही शुरुआत कर सकते हैं। लेकिन सवाल यह हैं: क्या आप इसके लिए तैयार हैं?

आप एक चमत्कार हैं।

Cameron Mendes
Author

Worship artist, singer-songwriter, dreamer and passionate about spreading the Gospel.