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Publication date 6 अग. 2026

हमारे रीति-रिवाज़ों से भी ख़ुदा के काम अज़ीम हैं।

Publication date 6 अग. 2026

आपको गुरुवार मुबारक! ✌🏽आपका यह हफ़्ता अब तक कैसा रहा?आइए, प्रेरितों के काम की क़िताब के अपने सफ़र को आगे बढ़ाते हैं। आज हम प्रेरितों के काम, अध्याय ११ पर ग़ौर करेंगे। जैसे शाऊल के मन-फिराव के मामले में हुआ था, वैसे ही यह भी प्रेरितों के काम की एक मुख्य घटना थी: गैर-यहूदियों का आधिकारिक रूप से ख़ुदा की कलीसिया में स्वागत किया जाना। 

यह खबर तेज़ी से फ़ैल रही थी कि गैर-यहूदी लोग भी सुसमाचार को अपना रहे थे और कलीसिया में शामिल हो रहे थे। लेकिन हर कोई इस बात से ख़ुश नहीं था। कई मसीही अब भी ईसाई धर्म को यहूदी धर्म से भटका हुआ मान रहे थे और उन्हें यह स्वीकार करना मुश्किल लग रहा था कि ख़ुदा, यहूदी धर्म के दायरे से बाहर भी कार्य कर सकता हैं। उन्हें यह मानना मुश्किल लग रहा था कि खतना न किए हुए लोग भी ख़ुदा के परिवार का हिस्सा बन सकते हैं। 

पतरस का मज़ाक उड़ाया गया था क्योंकि वह गैर-यहूदियों के घरों में गया था और उसने उनके साथ भोजन भी किया था (जो उनके सोच और क़ानून के ख़िलाफ़ था)। 

तब पतरस ने समझाया कि पवित्र आत्मा उन लोगों पर भी उसी प्रकार उतरा था, जैसे शुरूआत में उन पर उतरा था। उसका परिणाम बहुत सरल और विनम्र था: “मैं कौन हूँ, जो ख़ुदा के काम और तरीकों में रुकावट ला सकता हूँ?” (प्रेरितों के काम ११:१७) पतरस ने स्वीकार किया कि ख़ुदा और उसका कार्य, उसकी परंपराओं से बड़ा, और समझ से परे था। 

उधर अन्ताकिया में भी एक नई कलीसिया बढ़ रही थी, जिसमें यहूदी और यूनानी दोनों शामिल थे। बरनबास को यह देखने के लिए भेजा गया कि वहाँ क्या हो रहा है। लेकिन जब उसने ख़ुदा के फ़ज़्ल को काम करते देखा, तब वह ख़ुश हुआ और सबको प्रोत्साहित किया कि वे ख़ुदावंद के प्रति वफ़ादार बने रहें। 

इसी अन्ताकिया नगर में पहली बार चेलों को “मसीही” कहा गया। मुमक़िन है कि यह नाम पहले एक उपनाम के रूप में, या शायद मज़ाक उड़ाने के लिए दिया गया हो। लेकिन इसमें एक गहरी सच्चाई छिपी थी: उनकी पहचान यीशु मसीह से जुड़ी थी।

प्रेरितों के काम, अध्याय ११ की घटनाएँ हमारे सामने एक अहम सवाल खड़ा करती हैं, एक ऐसा सवाल जो आज भी उतना ही मायने रखता है। पतरस को उन मसीहीयों के सामने जवाब देना पड़ा जो गैर-यहूदियों के साथ उसके मेल-जोल पर आपत्ति जता रहे थे। क्योंकि यह बिल्कुल नया था और उनकी संस्कृति, रिवायतों और परंपराओं के मुताबिक़ नहीं था। 

जब ख़ुदा कोई नया काम करता है, तब क्या आप अपनी सोच को बदलकर उसके साथ बने के लिए तैयार हैं? 

आप एक चमत्कार हैं।

Cameron Mendes
Author

Worship artist, singer-songwriter, dreamer and passionate about spreading the Gospel.