• HI
    • AR Arabic
    • CS Czech
    • DE German
    • EN English
    • ES Spanish
    • FA Farsi
    • FR French
    • HI Hindi
    • HI English (India)
    • HU Hungarian
    • HY Armenian
    • ID Bahasa
    • IT Italian
    • JA Japanese
    • KO Korean
    • MG Malagasy
    • MM Burmese
    • NL Dutch
    • NL Flemish
    • NO Norwegian
    • PT Portuguese
    • RO Romanian
    • RU Russian
    • SV Swedish
    • TA Tamil
    • TH Thai
    • TL Tagalog
    • TL Taglish
    • TR Turkish
    • UK Ukrainian
    • UR Urdu
Publication date 5 अग. 2026

कलीसिया कोई बंद घेरा नहीं, बल्कि हर इंसान के लिए खुला न्योता है।

Publication date 5 अग. 2026

जब मेरी मुलाक़ात जेनी से हुई, वह शाकाहारी थी। यह किसी मज़हबी ईमान की वजह से नहीं, बल्कि उसकी ख़ुद की पसंद थी। मैं मज़ाक में प्रेरितों के काम १०:१५ का इस्तेमाल करता था “जिसे ख़ुदा ने पाक ठहराया है, उसे नापाक मत कहो” ताकि उसे फ़िर से मांस खाना शुरू करने के लिए मना सकूँ। 😂

बे-शक़, अगर वह हमेशा शाकाहारी रहती तो भी मैं उससे उतनी ही मोहब्बत करता। लेकिन मुझे ख़ुशी है कि उसने मेरे प्यार के ख़ातिर फ़िर से मांसाहारी भोजन खाना शुरू किया, क्योंकि अब वह कमाल का बटर चिकन और मटन करी बनाती है। 🤤

प्रेरितों के काम अध्याय १० में कहानी का एक अहम मोड़ आता है। अब तक सुसमाचार ख़ास रूप से सिर्फ़ यहूदियों के बीच फ़ैल रहा था। लेकिन ख़ुदा की योजना इससे भी ज़्यादा अज़ीम थी।  

एक रोमी अधिकारी, कुरनेलियुस, ख़ुदा का भय मानने वाला शख़्स था जो दुआ करता था, दान देता था और ख़ुदा को खोजता था, लेकिन जिसने अभी तक सुसमाचार नहीं सुना था। उसी समय, पतरस को एक दर्शन मिला जिसमे उसने देखा कि आसमान से एक बड़ी चादर नीचे उतर रही थी, जो उन जानवरों से भरी हुई है जिन्हें यहूदी क़ानून के अनुसार अशुद्ध माना जाता था। तब एक आवाज़ आई: “पतरस उठ, मार और खा।” (प्रेरितों के काम १०:१३

लेकिन पतरस ने इनकार किया। उसने सारी उम्र शुद्ध और अशुद्ध के बीच भेद करना सीखा था। लेकिन ख़ुदा ने जवाब दिया: “जिसे ख़ुदा ने शुद्ध ठहराया है, उसे तू अशुद्ध न कह।” (प्रेरितों के काम १०:१५

जब पतरस, कुरनेलियुस के घर पहुँचा, तब सारी बातें स्पष्ट हो गईं। ख़ुदा लोगों में कोई भेदभाव नहीं करता है। जब पतरस अभी बोल ही रहा था, तब पवित्र आत्मा वहाँ मोजूद सभी लोगों पर उतर आया, यहाँ तक कि ग़ैर-यहूदियों पर भी। यह किसी की नस्ल, संस्कृति या धार्मिक पृष्ठभूमि नहीं है जो उसे ख़ुदा के पास आने का अधिकार देती है, बल्कि यीशु मसीह पर ईमान ही वह मार्ग है।

कई बार हम भी अपने मन में अनदेखी सीमाएँ बनाते हैं, कि कौन क़ाबिल है? कौन शामिल हो सकता है? और कौन नहीं? लेकिन ख़ुदा का दिल हमारी सीमित सोच से कहीं बढ़कर है। कलीसिया कोई बंद घेरा नहीं, बल्कि हर इंसान के लिए खुला न्योता है। सवाल यह है: क्या हम तैयार हैं कि ख़ुदा हमारे सोचने के तरीक़े और हमारी धारणाओं को अपने दिल और अपनी मर्ज़ी के मुताबिक़ बदल दे? 

पतरस ने सीखा कि उसे किसी भी इंसान को अशुद्ध नहीं समझना चाहिए। क्या ऐसे लोग या समूह हैं जिनसे आप दूरी बनाए रखते हैं? क्या आप अपने ईमान को ख़ुदा के ज़रिए बढ़ाने के लिए तैयार हैं?

पवित्र आत्मा से कहें कि वह आपके दिल की हर दीवार, चाहे वह देखी या अनदेखी हो, चाहे जिसका एहसास हो या न हो, उसे ज़ाहिर करें और उससे दुआ करें कि वह उन दीवारों को गिरा दे। 

आप एक चमत्कार हैं।

Cameron Mendes
Author

Worship artist, singer-songwriter, dreamer and passionate about spreading the Gospel.