• HI
    • AR Arabic
    • CS Czech
    • DE German
    • EN English
    • ES Spanish
    • FA Farsi
    • FR French
    • HI Hindi
    • HI English (India)
    • HU Hungarian
    • HY Armenian
    • ID Bahasa
    • IT Italian
    • JA Japanese
    • KO Korean
    • MG Malagasy
    • MM Burmese
    • NL Dutch
    • NL Flemish
    • NO Norwegian
    • PT Portuguese
    • RO Romanian
    • RU Russian
    • SV Swedish
    • TA Tamil
    • TH Thai
    • TL Tagalog
    • TL Taglish
    • TR Turkish
    • UK Ukrainian
    • UR Urdu
Publication date 2 अग. 2026

तकलीफ़ों के बीच भी ख़ुदा कार्य करता है।

Publication date 2 अग. 2026

क्या आपको कभी किसी ऐसे शख़्स के सामने अपना बचाव करना पड़ा है, जो आपसे ज़्यादा ताक़तवर है? शायद आपके स्कूल के प्रिंसिपल या जहाँ आप नौकरी करते वहाँ के बॉस के सामने? 

प्रेरितों के काम अध्याय ६ के आख़िर में हम पढ़तें हैं कि स्टीफन को क़ैद किया गया और वह कैसे, उन्हीं धार्मिक नेताओं के सामने खड़ा था, जिनके सामने इससे पहले पतरस खड़ा हुआ था। लेकिन अपने आपको बचाने के बजाय, वह इस्राएल का पूरा इतिहास बयान करता है। इब्राहीम से लेकर मूसा तक, रेगिस्तान से लेकर मंदिर तक। बार-बार वह दिखाता है कि ख़ुदा हमेशा वफ़ादार रहा, फ़िर भी लोग उसके ख़िलाफ़ जाते हैं। 

उसकी बातें एक सख्त लेकिन सच्चे नतीजे तक पहुँचती हैं: “जिस तरह तुम्हारे बाप-दादाओं ने नबियों को ठुकराया, उसी तरह तुमने भी अब उस धर्मी जन को ठुकरा दिया है।” स्टीफ़न कोई आसान पैग़ाम नहीं देता, बल्कि मोहब्बत और रहमदिली के साथ सच बोलता है। 

जब स्टीफ़न यह कहता है कि उसने आसमान खुला हुआ देखा है और यीशु मसीह को ख़ुदा के दाहिने हाथ खड़ा देखा है, तब भीड़ ग़ुस्से से भर जाती है और उनके सब्र का बाँध टूट जाता है। वे उसे शहर से बाहर घसीटकर ले जाते हैं और पत्थरों से पीटते हैं। जब पत्थर उस पर बरस रहे थे, तब उसने दुआ की: “प्रभु यीशु, मेरी रूह को क़ुबूल कर।” (प्रेरितों के काम ७:५९) और फ़िर कहा: “प्रभु, इस ग़ुनाह को इनके खिलाफ़ मत गिनना।” (प्रेरितों के काम ७:६०) ये हमें उस दुआ की याद दिलाती हैं जो यीशु मसीह ने क्रूस पर की थी। 

स्टीफन अपनी जान खो देता है, लेकिन उसका पैग़ाम नहीं बदलता। 

इसी घटना के दौरान, शाऊल भी उन लोगों के साथ शामिल था जो स्टीफ़न को पत्थर मार रहे थे। उसी ने इस हत्या का समर्थन भी किया था। उस समय, मसीहियों पर ज़ुल्म करने में वह काफ़ी आगे था, लेकिन आगे की कहानी में, वही इंसान जो ख़ौफ़ की वजह बना हुआ था, यीशु मसीह का एक अहम प्रेरित बन जाता है। 

ख़ुदा ने इस बेहद दर्दनाक और सदमे से भरी घटना को प्रारंभिक कलीसिया के लिए अटल ईमान, दृढ़ता और वफ़ादारी की सबसे महान गवाहियों में से एक बना दिया। एक दुखद अंत को ख़ुदा ने अपनी महिमा और सुसमाचार की उन्नति के लिए इस्तेमाल किया। तकलीफ़ों, विरोध और आँसुओं के बीच भी ख़ुदा कार्य करता है।

आपकी ज़िंदगी के किन हिस्सों में आपको वफ़ादार बने रहने की चुनौती मिलती है, भले ही उसकी कोई क़ीमत चुकानी पड़े?

आप एक चमत्कार हैं।

Jenny Mendes
Author

Purpose-driven voice, creator and storyteller with a passion for discipleship and a deep love for Jesus and India.