• HI
    • AR Arabic
    • CS Czech
    • DE German
    • EN English
    • ES Spanish
    • FA Farsi
    • FR French
    • HI Hindi
    • HI English (India)
    • HU Hungarian
    • HY Armenian
    • ID Bahasa
    • IT Italian
    • JA Japanese
    • KO Korean
    • MG Malagasy
    • MM Burmese
    • NL Dutch
    • NL Flemish
    • NO Norwegian
    • PT Portuguese
    • RO Romanian
    • RU Russian
    • SV Swedish
    • TA Tamil
    • TH Thai
    • TL Tagalog
    • TL Taglish
    • TR Turkish
    • UK Ukrainian
    • UR Urdu
Publication date 1 अग. 2026

ख़ुदा के राज्य में, व्यवहारिक काम भी आत्मिक काम है।

Publication date 1 अग. 2026

कल हमने प्रेरितों के काम अध्याय ५ में शुरुआती कलीसिया की मुश्किल शुरुआत के बारे में बात की थी, जहाँ अननियास और सफ़ीरा की चौंकाने वाली मौत होती हैं। लेकिन परेशानियाँ यहीं ख़त्म नहीं होतीं। 

प्रेरितों के काम (अध्याय ६) में, जैसे-जैसे कलीसिया बढ़ती है, तनाव भी सामने आने लगता है। यूनानी विधवाएँ शिक़ायत करते हैं कि उनके साथ रोज़ाना भोजन बाँटने में नाइंसाफ़ी हो रही थी। बढ़ोतरी और बेदारी में बरक़त के साथ-साथ, नई ज़िम्मेदारियाँ और चुनौतियाँ भी साथ आती हैं। 

तनाव और चुनौतियों के बीच भी, प्रेरितों ने अपनी प्राथमिकताओं का सही संतुलन बनाए रखा। उन्होंने यह समझा कि उनका मुख्य बुलावा, दुआ और ख़ुदा के क़लाम के प्रचार में लगे रहना था। इसलिए, रोज़मर्रा की ज़िम्मेदारियों को व्यवस्थित ढंग से संभालने के लिए उन्होंने सात ऐसे व्यक्तियों को चुना जो व्यापारिक अनुभव के कारण नहीं, बल्कि इसलिए योग्य ठहराए गए क्योंकि वे “पवित्र आत्मा और बुद्धि से परिपूर्ण” थे। (प्रेरितों के काम ६:३

यह हमें बहुत कुछ सिखाता है। ख़ुदा के राज्य में, व्यवहारिक काम भी आत्मिक काम है और कोई काम छोटा या बड़ा नहीं होता।

इन सात व्यक्तियों में से एक स्टीफ़न था, जो “ईमान और सामर्थ्य से भरा हुआ” था। उसकी प्रारम्भिक ज़िम्मेदारी भोजन बाँटने की सेवा से जुड़ी थी, लेकिन पवित्र आत्मा की अगुवाई में वह आगे चलकर बड़ी सामर्थ और दलेरी के साथ सुसमाचार का प्रचार करने लगाता हैं।

पवित्र आत्मा से भरी ज़िंदगी न सिर्फ़ मंच पर दिखाई देती है, बल्कि पर्दे के पीछे, ईमानदारी से सेवा करने में ज़्यादा दिखाई देती हैं और असरदार भी होती हैं। पवित्र आत्मा इंसाफ़ देने, ज़रूरतमंदों की देखभाल करने और साधारण सेवा में भी उतना ही काम करता है जितना प्रचार में।

कभी-कभी हम सोचते हैं कि जब हम कुछ बड़ा करतें हैं, तभी हमारी अहमियत दिखाई देती हैं। लेकिन प्रारंभिक कलीसिया दिखाती है कि ख़ुदा की ताक़त साधारण और रोज़मर्रा की फ़रमाबरदारी में भी ज़ाहिर होती है।

और इसका नतीजा? “ख़ुदा का वचन और फ़ैलता गया।” (प्रेरितों के काम ६:७) जब हर कोई ख़ुदा की सेवा, ईमानदारी और लगन से निभाता है, तब ख़ुदा का राज्य बढ़ता है।

आज ख़ुदा आपको किस “साधारण” काम में इस्तेमाल कर सकता हैं, जो आत्मिक रूप से अहम है?

आओ मिलकर दुआ करें: 

ऐ आसमानी पिता, मुझे दिखा कि मैं कहाँ और किसकी सेवा कर सकता हूँ। लोगों के लिए मेरे दिल में अपनी मोहब्बत भर दें और व्यवहारिक कामों के लिए मुझे बुद्धि और अपना फ़ज़ल अता कर। यीशु मसीह के नाम में आमीन

आप एक चमत्कार हैं।

Jenny Mendes
Author

Purpose-driven voice, creator and storyteller with a passion for discipleship and a deep love for Jesus and India.