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Publication date 29 जुल. 2026

क्या ख़ुदा ने आपको माँगने से ज़्यादा दिया है?

Publication date 29 जुल. 2026

जब भी मैं कॅमरॉन से कुछ माँगती हूँ, वह सिर्फ़ उतना ही नहीं देता जितना मैंने माँगा हैं, बल्कि अक़्सर उससे कहीं ज़्यादा देता है। मिसाल के तौर पर, अगर मैं उसे मॉल से एक डोनट लाने को कहूँ, तो वह अक़्सर पूरा डिब्बा लेकर घर आता है, ताकि मेरे पास चुनने के लिए कई विकल्प हों। 🥰

प्रेरितों के काम आध्याय ३ में हम एक ऐसे इंसान से मिलते हैं जिसे माँगने से ज़्यादा मिला। जो जन्म से ही लकवाग्रस्त था। उसे हर दिन मंदिर के फाटक पर बैठाया जाता था ताकि वह वहाँ भीख माँग सके। उसकी उम्मीद छोटी थी: इतना कि उससे दिन का गुज़ारा हो जाए: बस एक सिक्का। 

फ़िर पतरस और यूहन्ना वहाँ से गुज़रते हैं। जब वह आदमी उनकी तरफ़ देखता है, तब पतरस कुछ अनोखा कहता है: *“मेरे पास चाँदी और सोना नहीं है, लेकिन जो मेरे पास है, वही मैं तुम्हें देता हूँ। नासरत के यीशु मसीह के नाम से उठ और चल!” (आयत ६)

फ़िर वहाँ पर एक चमत्कार हुआ। वह आदमी उछलकर खड़ा हो जाता है, चलने लगता है और ख़ुदा की इबादत करने लगता है। जिसकी उसने उम्मीद भी नहीं की थी, वह सच हो जाता है।

यह देखकर सब लोग अचंभित रह जाते हैं। लेकिन पतरस तुरंत लोगों का ध्यान अपनी ओर से हटाकर कहता है कि यह चंगाई हमारी अपनी ताक़त या भक्ति का नतीजा नहीं, बल्कि यीशु मसीह के नाम और सामर्थ का काम है, उसी यीशु मसीह का जिसे क्रूस पर चढ़ाया गया था, परन्तु जिसे ख़ुदा ने मरे हुओं में से जिलाया। 

फ़िर पतरस बेख़ौफ़ होकर लोगों के सामने सच्चाई ज़ाहिर करता है। वह बताता है कि यीशु की मृत्यु में उन सभी लोगों का भाग था, लेकिन साथ ही वह ख़ुदा की असीम रहमत और माफ़ी की उम्मीद भी उनके सामने रखता है। वह उन्हें पुकारकर कहता है: *“पश्चाताप करें और ख़ुदा की ओर मन फ़िराएँ, ताकि तुम्हारे पाप मिटाए जाएँ, बेदारी के दिन आएँ, और तुम प्रभु के साथ नई ज़िंदगी जी सकों।” (आयत १९) 

इस कहानी में वही हुआ जो यीशु मसीह ने पहले किया: लोगों की कमज़ोरियों और ग़ुनाहों को उजागर करने के साथ साथ, एक नई शुरुआत और पुनर्स्थापना का दरवाज़ा खोल दिया। 

कभी-कभी हम भी उस लकवाग्रस्त आदमी की तरह हो जाते हैं। हम छोटी मदद या तुरंत हल माँगते हैं, जबकि ख़ुदा हमें गहराई से पुनर्स्थापित करना चाहता है। हम थोड़ी राहत पर नज़र रखते हैं, जबकि यीशु मसीह हमें उठाकर नई ज़िंदगी देना चाहता हैं। 

क्या आपकी उम्मीदें सिर्फ़ “एक सिक्के” तक सीमित हैं, जबकि ख़ुदा आपको नई शुरुआत देना चाहता है?

आप एक चमत्कार हैं।

Jenny Mendes
Author

Purpose-driven voice, creator and storyteller with a passion for discipleship and a deep love for Jesus and India.