क्या ज़िंदगी के कुछ हिस्सों का सामना करने के लिए हिम्मत चाहिए?
क्या आपको कभी काम पर बहुत ही ख़राब मूल्यांकन दिया गया है? मुझे एक बार मिला था! मैंने पूरी लगन और दिल से काम किया था, फ़िर भी मुझे ऐसा दिखाया गया जैसे मैं आज्ञा न मानने वाला कर्मचारी हूँ। बाद में मुझे समझ आया कि यह मेरे ख़िलाफ़ एक सोची-समझी साज़िश थी, ताकि ख़र्च कम करने के लिए मुझे ख़ुद ही नौकरी छोड़ने पर मजबूर किया जा सके। उनकी यह चाल क़ामयाब नहीं हुई... लेकिन वह कहानी फ़िर कभी ज़रूर बताउँगा! 🙃
लेकिन मेरे साथ जो हुआ, वह उस बात के सामने कुछ भी नहीं था जो दानिय्येल के साथ उसके साथियों ने किया था। (इस कहानी को दानिय्येल ६ में पढ़ें) ।
दानिय्येल, एक ऐसा इंसान था, जो अपनी पूरी ज़िंदगी ईमानदारी और ज्ञान के साथ दूसरों की सेवा करता था और अपने आस-पास के लोगों का भरोसा जीत लेता था। वह फ़ारस के राजा का एक इज़्ज़तदार सलाहकार था, जो अपने ज्ञान, वफ़ादारी और बेमिसाल ईमानदारी के लिए मशहूर था। उसका काम अव्वल था और राजा उसकी बहुत इज़्ज़त करता था।
यह देखकर, राजा के दूसरे अफ़सर, दानिय्येल से जलने लगे। उन्होंने उसके काम करने के तरीक़े में कई ग़लतियाँ ढूँढने की क़ोशिश की, लेकिन उन्हें कुछ नहीं मिला। इसलिए उन्होंने उसके ख़िलाफ़ एक सोची-समझी साज़िश रची। उन्होंने ऐसा क़ानून जारी करवाया कि राजा के अलावा, कोई भी किसी और से दुआ या विनती नहीं करेगा, और जो इसका उल्लंघन करेगा, उसे भूखे शेरों की माँद में फेंक दिया जाएगा।
वे जानते थे कि दानिय्येल अपने ख़ुदा के प्रति वफ़ादार था। इसलिए उन्होंने उसके ख़िलाफ़ एक सोची-समझी साज़िश रची।
जब तक राजा को एहसास हुआ कि उससे क्या हो गया है, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अपने ही बनाए हुए क़ानून से बँधे होने से, उसे दानिय्येल को शेरों की माँद में डलवाना पड़ा।
दानिय्येल पूरी रात शेरों के बीच बिताता है, एक ऐसी हालत जो बिल्कुल बेउम्मीद लगती है।
लेकिन अगली सुबह कुछ ऐसा चमत्कार हुआ जब शेरों की गुफ़ा का दरवाज़ा खोला गया, तो दानिय्येल ज़िंदा था! इतना ही नहीं, उसे कोई नुक़सान भी नहीं पहुँचा था, यह एक सच्चा चमत्कार था।
दानिय्येल के इस चमत्कार का राज़ सिर्फ़ अच्छी दुआएँ या बार-बार किए गए इकरार नहीं थे। उसकी ज़िंदगी सच्चाई, ख़ुदा के प्रति वफ़ादारी और हिम्मत से भरी हुई थी। उसने किसी भी हाल में समझौता नहीं किया, यहाँ तक कि जब उसकी जान भी दाँव पर लगी थी।
क्या आपकी ज़िंदगी में भी कोई ऐसा क्षेत्र है, जहाँ आपको दानिय्येल जैसी हिम्मत की ज़रूरत है, ताकि आप अपने ईमान पर मज़बूती से खड़े रह सकें? उसे आज दुआ में ख़ुदा के सामने रखें।
यह लेख 'चमत्कार का सफ़र' ई-बुक से लिया गया है। अगर आप इस कहानी पर और गहराई से मनन करना चाहते हैं, तो इस ई-बुक को मुफ़्त में डाउनलोड करें। इसमें इस चमत्कार से हमारी ज़िंदगी में मिलने वाले कई सबक़ हैं और साथ ही सोचने-समझने के लिए दिलचस्प सवाल दिए गए हैं। मैं आपको इसे ज़रूर पढ़ने की सलाह देना चाहता हूँ!