क्या सारे रास्तें बंद नज़र आ रहे है?
क्या आपने कभी यह कहावत सुनी है, "न इधर का, न उधर का?" इसका मतलब है कि इंसान का ऐसी हालत में फँस जाना, जहाँ उसे कोई रास्ता नज़र न आए और हर चुनाव मुश्किल या बुरा लगने लगे।
यह कहावत इस्राएलियों की उस घटना से बिल्कुल मिलती-जुलती है, जब वे मिस्र से निकलने के बाद फँस गए थे। फ़र्क बस इतना था कि वे किसी चट्टान और मुश्किल जगह के बीच नहीं, बल्कि एक तरफ़ समुंदर और दूसरी तरफ़ फ़िरौन की सेना के बीच घिरे हुए थे। (इस कहानी को निर्गमन १२–१४ में पढ़ें)।
आख़िरकार, कई महामारियों के बाद उन्होंने पूरे मिस्र को हिला कर रख दिया और फ़िरौन ने इस्राएलियों को जाने की इजाज़त दे दी। थके हुए लेकिन उम्मीद से भरे इस्राएली, रेगिस्तान की ओर अपने सफ़र पर निकल पड़े। लेकिन उनकी ख़ुशी फ़ौरन ख़ौफ़ में बदल गई।
फ़िरौन ने अपना इरादा बदल दिया। वह अपने ग़ुलामों को इतनी आसानी से जाने नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने, उनका रेगिस्तान में पीछा करने के लिए, अपनी फ़ौज को इकट्ठा किया।
जब घोड़ों की टापों और रथों की आवाज़ तेज़ होती गई, तब इस्राएली लाल समुंदर के किनारे पहुँच गए, जो एक अज़ीम और पार न किया जाने वाला समुंदर था। वे अजीब तरीक़े से फँस गए थे। न आगे जाने का रास्ता था न कहीं भागने की जगह।
डर ने इस्राएलियों को घेर लिया और घबराहट फ़ैल गई थी। वे फँस गए थे, अब कोई रास्ता नज़र नहीं आ रहा था और इसी नाउम्मीदी के पल में उन्होंने अपने अगुआ, मूसा की ओर देखा और उस पर इल्ज़ाम लगाया:
*“क्या मिस्र में क़ब्रों की कमी थी कि तू हमें रेगिस्तान में लेकर आया हैं? हमें मिस्र से निकालकर तूने हमारे साथ क्या किया है?” - निर्गमन १४:११-१२ HINOVBSI
उन्होंने ख़ुदा और मूसा पर भरोसा तो किया था, लेकिन अब वे बिल्कुल तबाही के कगार पर आ पहुँचे थे। समुंदर और फ़ौज के बीच फँसकर, क्या वे यहाँ रेगिस्तान में ही मर जाएंगे?
लेकिन ख़ुदा ने उन्हें इतने दूर लाकर असफ़ल होने के लिए नहीं छोड़ा था। उसने मूसा से कहा कि वह अपनी छड़ी समुंदर पर फ़ैलाए (निर्गमन १४:१६)। मूसा ने ख़ुदा की आज्ञा मानकर, अपनी छड़ी फ़ैलाई और लाल समुंदर का पानी दो हिस्सों में बट गया। बीच में सुखा रास्ता बन गया और दोनों तरफ़ पानी की ऊँची दीवारें खड़ी हो गईं।
हैरानी में काँपते हुए, इस्राएली लोगों ने उस अद्भुत चमत्कार में क़दम रखा। वे ख़ुदा की ज़बरदस्त ताक़त से घिरे हुए, समुंदर के बीचों-बीच सूखी ज़मीन पर चल पड़े।
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