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Publication date 20 जुल. 2026

क्या आप सिर्फ़ अपनी कमियों के बारे सोचते हैं?

Publication date 20 जुल. 2026

ज़रा सोचिए कि आप पुराने इस्राएल में एक विधवा हैं। आपके पति का इंतक़ाल हो चुका है। आपके दो बेटे हैं, लेकिन उनके लिए कुछ मुहैया करने का कोई ज़रिया नहीं है। साहूकार आपके दरवाज़ें पर दस्तक देता है, यह धमकी देतें हुए कि आपके बच्चों को ग़ुलाम बनाकर लेकर जाएँगे।

अगर आप इस हालात में होते तो क्या महसूस करते? बेबसी? डर? बेहद मायूसी?

बाइबल में एक स्त्री भी ऐसी ही हालत से गुज़र रही थी। वह मदद के लिए नबी एलीशा को पुकारती है: 

“एक दिन, नबियों के दल के एक आदमी की विधवा ने एलीशा से फ़रियाद की और कहने लगी, ‘मेरा पति, जो तेरी सेवा करता था, उनकी मौत हुई हैं… लेकिन अब एक साहूकार आया है, जो मेरे दो बेटों को ग़ुलाम बनाकर ले जाने की धमकी दे रहा है।’” २ राजा ४:१ 

एलीशा न तो उसका क़र्ज़ चुकाने का वादा करता हैं, और न ही उसे उसकी बेबस हालत से तुरंत निकालने की बात करता हैं। इसके बजाय, वो उससे एक सादा सा सवाल पूछता हैं: “तेरे घर में क्या है?”

“वो विधवा जवाब देती है, “कुछ भी नहीं… सिवाय थोड़ा सा तेल के। - २ राजा ४:२ 

एलीशा उसके कमी से मायूस नहीं होता बल्कि, वो उसे यह आदेश देता हैं: जाकर अपनी तमाम पड़ोसियों से खाली बर्तन मांग, तमाम ख़ाली बर्तनों में तेल उंडेलती जा।

वह विधवा वैसा ही करती है जैसा उसे बताया गया था और हर बार जब तेल उंडेलती गई और तेल बहता ही जाता हैं। वह बहना रुकता नहीं, एक के बाद एक बर्तन भरतें जातें हैं। जितना तेल वह उंडेलती हैं उतना ही बहता ही जाता हैं। जब सारें बर्तन भर जातें हैं और एक ही ख़ाली नहीं बचता, तेल का बहना रुक जाता हैं।

उसका चमत्कार पूरा हो जाता है। उसके बेटे बच जाते हैं। कर्ज़ अदा हो जाता है।

“तेरे पास क्या है?” एलीशा का ये सवाल दिल को छू लेने वाला है। यही सवाल हमपर भी लागू होता हैं। 

हमारी कमी पर ग़ौर करने के बजाय, ख़ुदा हमसे ये पूछता है कि हमारे पास क्या है, चाहे वो कितना ही छोटा क्यों न लगे। 

अक्सर हम ज़िंदगी को कमी के नज़रिए से देखते हैं:

  • “मेरे पास कम पैसे है।”
  • “मेरे पास सही हुनर नहीं है।”
  • “मेरे पास वक़्त नहीं है।”
  • “मेरा ईमान कमज़ोर है।”

उस विधवा को नहीं पता था कि तेल कैसे बढ़ेगा। उसे ये भी नहीं पता था कि बढ़ेगा भी या नहीं। लेकिन उसकी फ़रमाबरदारी, बिना समझे भी, ख़ुदा के चमत्कार का दरवाज़ा खोल देती है। 

यह लेख 'चमत्कार का सफ़र' ई-बुक से लिया गया है। अगर आप इस कहानी पर और गहराई से मनन करना चाहते हैं, तो इस ई-बुक को मुफ़्त में डाउनलोड करें इसमें इस चमत्कार से हमारी ज़िंदगी में मिलने वाले कई सबक़ हैं और साथ ही सोचने-समझने के लिए दिलचस्प सवाल दिए गए हैं। मैं आपको इसे ज़रूर पढ़ने की सलाह देना चाहता हूँ! 

आप एक चमत्कार हैं।

Cameron Mendes
Author

Worship artist, singer-songwriter, dreamer and passionate about spreading the Gospel.