क्या आप अपने देश के नेताओं के लिए दुआ करते हैं?
जब आप दुआ करते हैं, तो आप किन लोगों के लिए दुआ करते हैं? अपने जीवनसाथी के लिए? अपने बच्चों के लिए? शायद अपने परिवार के लोगों, दोस्तों, या उन लोगों के लिए जो अब तक यीशु मसीह को नहीं जानते हैं?
लेकिन क्या आप कभी ताक़त और ऊँचे पद में रहने वाले लोगों के लिए दुआ करते हैं? जैसे प्रधानमंत्री, संसद के सदस्य, आपके शहर के सी.एम, या क्षेत्र के विधायक? उनके कंधों पर बहुत ज़िम्मेदारियाँ होती हैं और उन्हें हर दिन अनगिनत मुश्किल फ़ैसले लेने पड़ते हैं। उन्हें भी यक़ीनन हमारी दुआओं की ज़रूरत है।
जब एस्तेर रानी अपनी ज़िंदगी की सबसे बड़ी दुविधा और सबसे मुश्किल ज़िम्मेदारी का सामना कर रही थी, तब उसने अपने लोगों से अपने लिए दुआ और उपवास रखने को कहा। उसने अपने चचेरे भाई मोर्दकै से कहा:
“फ़िर जाएँ और शूशन में रहने वाले तमाम यहूदियों को इकट्ठा करें। मेरे लिए तीन दिन और तीन रात उपवास रखकर, कुछ न खाएँ न पिएँ। मैं भी मेरी दसियों के साथ मिलकर उपवास रखूँगी। इसके बाद राजा के पास जाऊँगी, जो क़ानून के ख़िलाफ़ है।” — एस्तेर ४:१६
हमें भी एक ऐसी ही ज़िम्मेदारी दी गई है कि हम उन लोगों के लिए दुआ करें जो हम पर शासन करते हैं। पौलुस १ तीमुथियुस २:१–२ HINOVBSI में हमें यह सीखता है:
“सबसे पहले मैं इस पर ज़ोर देना चाहता हूँ कि राजा और सभी ऊँचे पद वालों के लिए अर्ज़ियाँ, दुआएँ, सिफ़ारिश और शुक्रगुज़ारी की जाए ताकि हम आराम और सुक़ून भरी ख़ुदातरस और पाकीज़गी की ज़िंदगी जी सकें।”
और नबी एज्रा ने भी कुछ ऐसा ही कहा:
“राजा और उसके बच्चों की सलामती के लिए दुआ करें।” — एस्तेर ६:१०
आज थोड़ा वक़्त निकालकर, ख़ुदा की इस आज्ञा को मानते हुए, ऊँचे पद में रहने वाले लोगों के लिए दुआ करें, कि उन्हें ख़ुदा से ज्ञान और रहनुमाई मिले, वे ईमानदारी और इंसाफ़ के साथ अगुवाई करें और उनके दिलों में ख़ुदा का सुक़ून बना रहें और मैं भी आपके लिए यही दुआ करूँगी!