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Publication date 18 जुल. 2026

क्या ख़ुदा आपको किसी ऐसे काम के लिए बुला रहा है, जिसे करने से आपको डर लगता है?

Publication date 18 जुल. 2026

क्या आपने कभी कोई ऐसा मुश्किल और ख़तरनाक क़दम उठाया है, जिसके बाद आपने ख़ुद से पूछा हो, “आख़िर यह हिम्मत मुझमें कहाँ से आई?”

अगर जवाब ‘हाँ’ हैं तो आप शायद समझ पाएँगे कि एस्तेर रानी ने कैसा महसूस किया होगा जब उसके चचेरे भाई, मोर्दकै ने उससे कहा कि उसे अपने लोगों को बचाने के लिए अपनी जान जोख़िम में डालनी होगी। एस्तेर - ४:८–१६ HINOVBSI

एस्तेर रानी के सामने एक चुनाव था। जब मोर्दकै ने उसे बताया कि उनके लोगों पर कितना बड़ा ख़तरा मंडरा रहा है, तो वह चाहती, तो सिर्फ़ ख़ुद को ही बचाने की कोशिश कर सकती थी। वह ख़ामोश रह सकती थी, बस अच्छे दिनों की उम्मीद कर सकती थी, या दूसरी तरफ़ मुँह मोड़ सकती थी।

लेकिन एस्तेर रानी और मोर्दकै, दोनों जानते थे कि ख़ुदा ने उसे उसके ओहदे पर एक बड़े मक़सद के लिए रखा था। वह समझदार थी। डर या फ़िक्र में उलझने से ज़्यादा, उसने एक योजना बनाई। उसने दुआ की और उपवास रखा, और अपने लोगों से भी ऐसा ही करने के लिए कहा। वह अपनी जान की परवाह न करते हुए, ख़ुदा की अगुवाई पर चलने, एक ख़तरा से भरा क़दम उठाने, और अपने लोगों की जान बचाने के लिए भी तैयार थी।

फ़िर एस्तेर ने मोर्दकै को यह जवाब भेजा:

“फ़िर जाएँ और शूशन में रहने वाले तमाम यहूदियों को इकट्ठा करें। मेरे लिए तीन दिन और तीन रात उपवास रखकर, कुछ न खाएँ न पिएँ। मैं भी मेरी दसियों के साथ मिलकर उपवास रखूँगी। इसके बाद राजा के पास जाऊँगी, जो क़ानून के ख़िलाफ़ है। अगर अंजाम मौत भी हो, तो भी क़बूल हैं।”  एस्तेर ४:१५–१६ HINOVBSI

लेकिन एस्तेर के लिए यह क़दम ख़तरे से ख़ाली नहीं था। बिना बुलाए राजा के पास जाने की सज़ा मौत हो सकती थी।

हो सकता है हमारी आज के हालात एस्तेर की हालातों से अलग हों, लेकिन ख़ुदा आज भी हमें ऐसे कामों के लिए बुला सकता है जो हमारी आरामदायक सीमाओं से परे होते हैं और जिनमें शायद हमें ख़तरें भी उठाने पड़ें।

ख़ुदा की बुलाहट के प्रति फ़रमाबरदारी बहुत मायने रखती है। हो सकता है इसमें पूरी एक पीढ़ी पर असर डालने की ताक़त हो। शायद हम कभी पूरी तरह न समझ पाएँ कि हमारे क़दम और उसकी आवाज़ के प्रति हमारी वफ़ादारी, हमारे आसपास के लोगों की ज़िंदगियों में कितनी गहराई से असर डाल रही है।

आप एक चमत्कार हैं।

Jenny Mendes
Author

Purpose-driven voice, creator and storyteller with a passion for discipleship and a deep love for Jesus and India.