क्या आप यक़ीन करते हैं कि ख़ुदा उस चीज़ को भी, जो बुराई के लिए थी, भलाई में बदल सकता है?
बाइबल में लिखा है कि, “जो दूसरों के लिए गड्ढा खोदता है, वही उसमें गिर जाता है। इसका मतलब है कि अगर कोई किसी और को गिराने या नाकाम करने की क़ोशिश करता हैं, तो हो सकता है कि, आख़िरकार वही ख़ुद की बर्बादी की वजह बन सकता हैं।
एस्तेर की क़िताब में, हामान के साथ बिल्कुल यही हुआ। फ़र्क बस इतना था कि उसने गड्ढा नहीं खोदा, बल्कि अपने दुश्मन, मोर्दकै को सूली पर चढ़ाने के लिए एक खंभा तैयार किया 😲 (एस्तेर ७:९)।
हामान, मोर्दकै से इतनी नफ़रत क्यों करता था कि वह उसे इतनी दर्दनाक मौत देना चाहता था? क्योंकि मोर्दकै ने उसके सामने झुकने से इनकार कर दिया था (एस्तेर ३:२–६ HINOVBSI)।
पुराने नियम की कई घटनाएँ, यीशु मसीह की ज़िंदगी और मौत की ओर इशारा करती थीं (कुलुस्सियों २:१७) और यह कहानी भी इससे अलग नहीं है।
जैसे हामान चाहता था कि मोर्दकै, जो एक यहूदी था, उसके सामने झुके, उसी तरह शैतान ने भी जंगल में आज़माइश के दौरान, यीशु मसीह को अपने सामने झुकाने की कोशिश की (मत्ती ४:८–१०)। मोर्दकै ने इनकार किया और यीशु मसीह ने भी वही किया।
हामान ने मोर्दकै को सबके सामने मारने के लिए लकड़ी का खंभा तैयार किया और यीशु मसीह के लिए भी इसी इरादे से लकड़ी का क्रूस तैयार किया गया।
जब यीशु मसीह क्रूस पर लटका हुआ था, वह बेबस और हारा हुआ लग रहा था और ऐसा लग रहा था कि मानो शैतान की जीत हुई थी। उसी तरह, मोर्दकै का अंजाम भी तय था और उसे सूली पर चढ़ाने की योजना लगभग पूरी हो चुकी थी।
लेकिन सच्चाई बिल्कुल उलट थी। दुश्मनों की बुरी साज़िशें ही उनकी हार का कारण बन गईं। हामान ने जो फाँसी का खंभा तैयार किया था, वही उसकी अपनी मौत का ज़रिया बना; और जिस क्रूस पर यीशु मसीह को चढ़ाया गया, वही शैतान की सबसे बड़ी हार और ख़ुदा की अज़ीम जित का प्रतीक बन गया।
*“उसने क्रूस के ज़रिए, सारी हुकूमत और ताकत को निशस्त्र किया और उन पर जीत पाकर उन्हें सबके सामने शर्मिंदा किया।” — कुलुस्सियों २:१५
सिर्फ़ ख़ुदा ही बुरे इरादों को भलाई में बदल सकता है (उत्पत्ति ५०:२०)।
आज थोड़ा वक़्त निकालकर यीशु मसीह का शुक्र अदा करें कि उसने क्रूस पर इतनी अज़ीम क़ुरबानी दी और हमें हमेशा के लिए मौत पर जीत दी।