क्या इस वक़्त आपके दिल में किसी के लिए रंजिश लिए हुए हैं?
एस्तेर की क़िताब, मेरी पसंदीदा क़िताबों में से एक है। सिर्फ़ इसलिए नहीं कि यह एक आम लड़की की कहानी है, जो रानी बनी और फ़िर एक नायिका बन गई, बल्कि इसलिए भी कि यह इस बात का सबसे बड़ा सबूत है कि ख़ुदा का मज़ाकिया अंदाज़ भी कमाल का है।
हम हामान के बारे में पढ़ते हैं, जो एक बेहद घमंडी और चालाक आदमी था और राजा के बाद सबसे ऊँचे पद पर था। हामान को सबके सामने लोगों से आदर-ओ-सम्मान पाना बेहद पसंद था। राजा के फाटक पर हर कोई उसके सामने झुकता था, सिवाय एक आदमी के: मोर्दकै, जो एस्तेर का चचेरा भाई था। इस बात ने हामान को इतना ग़ुस्सा दिलाया कि उसने सिर्फ़ मोर्दकै ही नहीं, बल्कि सभी यहूदियों को मारने की साज़िश रची। (एस्तेर ३:१–६ HINOVBSI)
लेकिन फ़िर कहानी में एक बड़ा मोड़ आता है। राजा हामान से सलाह माँगता है:
“जब हामान दाख़िल हुआ, तब राजा ने उससे पूछा, “उस आदमी के लिए क्या किया जाए जिसकी राजा ख़ास इज़्ज़त करना चाहे?” हामान ने सोचा, “मेरे आलावा और कौन है जिसकी राजा ज़्यादा इज़्ज़त करना चाहेगा?” — एस्तेर ६:६
हामान ने सुझाव दिया:
“राजा का पहना हुआ शाही लिबाज़ लाया जाए और वह घोड़ा लाया जाए जिस पर राजा सवार हुआ हो, जिसके सिर पर शाही निशान रखा गया हो। फ़िर उस लिबाज़ और घोड़े को राजा के किसी सम्मानित अफ़सर को सौंपा जाए। वह उस शख़्स को शाही लिबाज़ पहनाए, जिसे राजा सम्मान देना चाहता है और उसे शहर की गलियों में घोड़े पर घुमाए और ऐलान करे: ‘यही उसके साथ किया जाता है जिसकी इज़्ज़त राजा करना चाहता हैं।” — एस्तेर ६:८–९ HINOVBSI
और फ़िर राजा कहता है:
“बहुत अच्छा! अब जाओ और यही सब मोर्दकै के लिए करो!” 😳🤣 — एस्तेर ६:१०
ज़रा सोचिए, हामान ने उस वक़्त कैसा महसूस किया होगा? उसे उसी इंसान को पूरे शहर में घुमाना पड़ा, जिससे वह सबसे ज़्यादा नफ़रत करता था और ऊँची आवाज़ में कहना पड़ा: “जिस शख़्स को राजा इज़्ज़त देना चाहता है, उसके साथ ऐसा किया जाता है!” - एस्तेर ६:११
यह कहानी नीतिवचन १६:१८ में दर्ज है:
“तबाही से पहले ग़ुरूर और गिरने से पहले अहंकार आता है।”
इसे एक याद दिलाने वाली बात समझे कि अपने दिल में ठेस या कड़वाहट न रखें और हमेशा विनम्र बने रहें।