क्या आपको कभी ऐसा लगता है कि हालात पूरी तरह आपके ख़िलाफ़ हैं?
इस हफ़्ते हम एस्तेर की क़िताब से सीख रहे हैं। कल हमने देखा था कि एस्तेर की ज़िंदगी बाहर से जितनी शानदार या किसी परीकथा जैसी दिखती थी, असल में उतनी आसान नहीं थी। आइए हम ज़रा गहराई से देखें कि एस्तेर को किन-किन मुश्किलों से गुज़रना पड़ा।
१. वह बेदख़ल किए जाने का दर्द झेल चुकी थी।एस्तेर के परिवार को यरूशलेम से बंदी बनाकर बाबुल ले जाया गया था (एस्तेर २:५–६ HINOVBSI)। बेदख़ल किए जाने का मतलब है सब कुछ पीछे छोड़ने पर मजबूर होना और अपनी मर्ज़ी के बिना एक अनजान देश में ले जाया जाना, जहाँ आपको पराये की तरह जीना पड़ता है और सब कुछ फ़िर से शुरू करना पड़ता है।
२. वह अनाथ थी।बाइबल के अनुसार, एस्तेर ने अपने माता-पिता को खो दिया था और उसके बड़े चचेरे भाई, मोर्दकै ने उसकी परवरिश की। (एस्तेर २:७)।
३. उसका अपहरण किया गया था।नई रानी की तलाश में पर्शियन के राजा, अहशवेरोश ने अपने राज्य की सभी ख़ूबसूरत कुँवारियों को इकट्ठा करवाया, जिनमें एस्तेर भी शामिल थी, ताकि वह उन्हें एक-एक करके अपने पास बुलाए और अपनी पसंद चुन सके (एस्तेर २:१–४ HINOVBSI)। उस ज़माने की रीति रिवाज़ों और इस कहानी की भाषा को देखकर हम समझ सकते हैं कि एस्तेर के पास कोई और रास्ता नहीं था। वह जवान थी, ख़ूबसूरत थी और उसे अपनी मर्ज़ी के बिना ले जाया गया था।
४. उसके साथ ज़बरदस्ती की गई थी।यह हिस्सा बहुत लोगों को चौंका सकता है, लेकिन बाइबल साफ़ बताती है कि क्या हुआ। उन कुँवारियों को, जो शायद कम उम्र की थीं, एक-एक करके राजा के क़मरे में ले जाया जाता था। अगली सुबह वे बाकी लड़कियों के पास वापस नहीं लौटती थीं, बल्कि राजा की दूसरी उप-पत्नियों के हरम में भेज दी जाती थीं (एस्तेर २:१४)।
ख़ुदा ने एक ऐसी महिला को चुना, जिससे सब कुछ छीन लिया गया था, उसके माता-पिता, उसकी आज़ादी, उसकी पाकीज़गी। फ़िर भी ख़ुदा ने उसे ताक़त के मुक़ाम पर पहुँचाया। उसने ऐसी महिला को इस्तेमाल किया, जो अपने लिंग, संस्कृति, रीति-रिवाज़ और हालात की वजह से लोगों की नज़रों में अनदेखी और बेअसर थी और उसे एक मज़बूत और प्रभावशाली नायिका बना दिया।
अगर ख़ुदा एस्तेर को इस्तेमाल कर सकता हैं, तो वह यक़ीनन आपको और मुझे भी इस्तेमाल करेगा!