क्या आप अभी भी ख़ुदा के वायदों पर क़ायम हैं?
क्या आपकी ज़िंदगी में ऐसे वादे हैं जिनके पूरें होने का आप लंबे वक़्त से इंतज़ार कर रहे हैं? या ऐसे ख़्वाब जो पूरे होते नज़र नहीं आते? आप अकेले नहीं हैं। आप अच्छी सोहबत में हैं।
इससे पहले कि नबी शमूएल का दाऊद की ज़िंदगी पर किया हुआ मसह पूरा होता, दाऊद को भी लंबे वक़्त तक इंतज़ार करना पड़ा।
विद्वानों का अंदाज़ा है कि शमूएल के दाऊद का मसह करने से लेकर उसके सच में राजा बनने तक १४ से २२ साल के बीच हो सकता है।
इस दौरान दाऊद ने अनगिनत आज़माइशों का सामना किया। पहले तो, इतने बड़ें मसह को पाने के बावजूद, वो एक चरवाहे लड़के के रूप में ही काम करता रहा। फ़िर उसे अपने भाइयों की सेवा करते हुए जंग के मैदान में जाना पड़ा। गोलियात को हराने (१ शमूएल १७) के बाद वो जल्दी मशहूर हो गया, लेकिन फ़िर एक बेहद जलन करने वाले राजा ने उसका पीछा करना शुरू कर दिया (१ शमूएल १८–१९)। उसकी पहली पत्नी उससे छीन ली गई और दाऊद जंगल में भागता-फ़िरता रहा, जहाँ उसके साथ समाज से ठुकराए हुए लोगों की एक फ़ौज थी। उन्होंने ख़तरे, दग़ाबाज़ी और लगातार पीछा किए जाने का सामना किया और राजा उन्हें मार डालना चाहता था (१ शमूएल २०–२७)। सिकलाग में तो उसके अपने ही लोगों ने उसे पत्थर मारने की कोशिश की (१ शमूएल ३०) और अपने सबसे क़रीबी दोस्त, योनाथान, को खोने के बाद वो आख़िरकार राजा बना लेकिन पूरे इस्राएल पर नहीं, बल्कि सिर्फ़ एक छोटे हिस्से, यहूदा, पर।
यह कितना बेहतरीन सफ़र रहा होगा।
ये मुझे एक और राजा की याद दिलाता है जिसकी बादशाहत के बारे में पहले ही बताया गया था और जिसका लोग बेसब्री से इंतज़ार कर रहे थें लेकिन जो अभी तक पूरी तरह ज़ाहिर नहीं हुआ: राजा यीशु मसीह।
यीशु मसीह की बादशाहत का एलान फ़रिश्ते जिब्राइल ने किया था, जब उसने मरियम से मुलाक़ात की (लूका १:२६–३३ HINOVBSI)। यरूशलेम में उसे एक राजा की तरह सराहा गया था (मत्ती २१)। और जैसे दाऊद ने गोलियात को हराया, वैसे ही यीशु मसीह ने क्रूस पर ग़ुनाह और मौत पर जीत हासिल की।
इन सब के बावजूद, आज भी हम ज़मीन पर ख़ुदा की बादशाहत को पूरी तरह से क़ायम हुआ नहीं देखते। लेकिन ये बदलने वाला है!
यीशु मसीह फ़िर से आने वाला हैं। और जब वो आएगा, तो एक बच्चे के रूप में नहीं, बल्कि एक राजा के रूप में एक सफ़ेद घोड़े पर सवार, आसमानी फ़ौज के साथ और ऐसा लिबाज़ पहने हुए जिस पर लिखा होगा: “राजाओंका का राजा और ख़ुदावंदों का ख़ुदा” (प्रकाशित वाक्य १९:११–१६ HINOVBSI)। उसकी बादशाहत इस ज़मीन पर मज़बूती से क़ायम होगी और कभी ख़त्म नहीं होगी (प्रकाशित वाक्य ११:१५)।
जब तक हम यीशु मसीह के लौटने का इंतज़ार कर रहे हैं, आइए हम उसे अपने राजा के रूप में इबादत करना न भूलें!