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Publication date 27 जून 2026

क्या आपने आज यीशु मसीह के साथ आत्मिक नाश्ता किया हैं?

Publication date 27 जून 2026

आप यीशु मसीह को, पुराने नियम में खोजने के इस सफ़र का कैसा लुत्फ़ उठा रहे हैं? क्या इससे आपको उन कहानियों को बेहतर समझने में मदद मिली है? क्या आप हैरान हुए हैं ये देखकर कि कैसे सदियों से यीशु मसीह मौजूद रहा हैं और उसके बारे में भविष्यवानियाँ की गई है? और मैं आपसे ये जानना पसंद करूँगा!

आज, मैं उस बात पर नज़र डालना चाहता हूँ जहाँ शायद पहली बार पुराने नियम में यीशु मसीह की झलक दिखाई देती है यानी अदन की वाटिका में।

*“ख़ुदा ने पूरब की तरफ़ अदन में एक बाग़ लगाया और वहाँ उस इंसान को रखा जिसे उसने बनाया था। ख़ुदा ने ज़मीन से हर तरह के पेड़ उगाए जो दिखने में ख़ूबसूरत और जिसके फ़ल खाने के लिए मीठे थे। बाग़ के बीच में ज़िंदगी और भले-बुरे की पहचान का पेड़ भी लगाया था।”उत्पत्ति २:८–९ HINOVBSI

आप सोच रहे होंगे, ‘इस हिस्से में यीशु मसीह कहाँ हैं?’ ख़ैर, हमेशा की तरह, वह मरकज़ में हैं; ज़िंदगी का पेड़।😉

यीशु मसीह ही वो पेड़ हैं जो सेहत, बरक़त और ख़ुदा के साथ रिश्ते का प्रतीक हैं। अगर कोई उससे खाए और उसमे बना रहे, तो वो क़ायम ज़िंदा रहेगा।

जब आदम और हव्वा ने बाग़ में मना किए गए पेड़ यानी भले और बुरे की पहचान के पेड़ से खाकर ग़ुनाह किया, तो उन्होंने ज़िंदगी के पेड़ तक अपनी पहुँच खो दी (उत्पत्ति ३ HINOVBSI)।

लेकिन ये पहुँच हमारे लिए फ़िर से स्थापित की गई, जब यीशु मसीह ज़मीन पर आया और उसने कहा कि हमेशा की ज़िंदगी पाने के लिए हम उसमे से ‘खाएँ और पिएँ’ (यूहन्ना ६:५३–५४ HINOVBSI)। यीशु मसीह सिर्फ़ ज़िंदगी का पेड़ ही नहीं हैं, बल्कि वही रास्ता, सच्चाई और ज़िंदगी हैं (यूहन्ना १४:६ HINOVBSI)।

हमें पोषण देने वाला, ज़िंदगी देने वाला और हमें क़ायम रखने वाला रूहानी खाना हासिल हुआ है, हमें बस ‘ज़िंदगी की रोटी’ यानी यीशु मसीह पर ईमान रखने से ख़ुद को भरना है (यूहन्ना ६:३५)।

इस चमत्कार के प्रोस्ताहन को पढ़कर क्या आपको आज ‘आत्मिक पोषण’ मिला हुआ महसूस हो रहा है?

आप एक चमत्कार हैं।

Cameron Mendes
Author

Worship artist, singer-songwriter, dreamer and passionate about spreading the Gospel.