क्या आपने कभी शक़ किया है कि यीशु मसीह आज भी ज़िंदा हैं?
‘लायन’, एक सच्ची कहानी पर आधारित फ़िल्म है, जिसमें देव पटेल एक २५ साल का ऑस्ट्रेलियाई जवान सरू का किरदार निभाता हैं, जो भारत में अपने असली परिवार को ढूँढता है। वह ५ साल की उम्र में भारत में एक भीड़-भाड़ वाले रेल्वे स्टेशन पर अपने परिवार से बिछड़ गया था और बाद में उसे गोद ले लिया गया। जब वह आख़िरकार अपने परिवार को ढूँढ लेता है, तब वे बेहद ख़ुश हो जातें हैं, क्योंकि इतने सालों तक उन्हें लगा कि वह मर चुका था।
मैं सोचती हूँ कि जब यूसुफ़ के परिवार को पता चला होगा कि वह ज़िंदा है, तब उन्हें भी कुछ ऐसा ही महसूस हुआ होगा। कई सालों तक वे यही समझते रहे कि वह मर गया है, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं था! हक़ीक़त में, वह फ़िरौन का दाहिना हाथ बन चुका था (इस कहानी को आप उत्पत्ति ३७–४७ में पढ़ सकतें है)।
मिस्र में अपने ख़ास शासक के रूप में अनोखी जगह और अनाज को संजोकर और बांटने की उसकी शानदार योजना की वजह से, यूसुफ़ ने महज़ अपने परिवार को ही नहीं बल्कि आसपास के कई देशों को भी अकाल के भूक से बचाया।
जिस तरह सरू और यूसुफ़ के परिवारों को लगा कि वे खो चुके हैं, उसी तरह आज की दुनिया में बहुत से लोग मानते हैं कि यीशु मसीह मर चुका हैं। वे सोचते हैं कि वह बस एक धार्मिक इंसान था जो कभी इस धरती पर रहता था, लेकिन अब नहीं हैं।
लेकिन सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है… वह पूरी तरह ज़िंदा हैं!
*”क्योंकि हम जानते हैं कि जब मसीह मरे हुओं में से जी उठा, तो अब वह फ़िर नहीं मरेगा; मौत का उस पर अब कोई ज़ोर नहीं रहा।” - रोमियों ६:९
जिस तरह यूसुफ़ एक ख़ास मुक़ाम पर था, उसी तरह यीशु मसीह भी हमें बचाने के लिए एक अनोखी जगह पर हैं, क्योंकि वो ख़ुदा के दाहिने हाथ पर विराजमान हैं (इब्रानियों १:३)! और यूसुफ़ की तरह, उसकी शानदार योजना अनाज के भंडार बनाने की नहीं, बल्कि क्रूस पर अपनी क़ुर्बानी देने की थी।
आप और मुझे ये ख़ास मौक़ा मिला है कि हम ये शानदार ख़बर लोगों तक पहुँचाएँ: यीशु मसीह मरा नहीं हैं, बल्कि अभी भी ज़िंदा हैं और वो आपको भी बचा सकता हैं (१ कुरिन्थियों १५:१–४ HINOVBSI)!