क्या आपने कभी ‘फ़सह का पर्व’ की कहानी पढ़ी हैं?
हम एक सफ़र पर हैं, जहाँ हम यह जान रहे हैं कि पुराने नियम में किस तरह यीशु मसीह की झलक पहले से दिखाई देती है। आज मैं आपके साथ एक ऐसी तस्वीर साझा करना चाहता हूँ जो थोड़ी मुश्किल या तीखी लग सकती है: एक मेम्ने की क़ुर्बानी। 🔪🐑
लेकिन मेरे साथ बने रहें, मैं वादा करता हूँ, यह बात आपको चौका देगी।
जब इस्राएली, मिस्र से निकलने के लिए बेकरार थे, तब ख़ुदा ने उन्हें यह आदेश दिया:
*“हर आदमी अपने घराने के लिए एक-एक मेम्ना ले, जो जानवर आप चुनें वह एक साल का नर हो और उसमें कोई ख़ामी न हो। महीने की चौदहवे दिन तक उसे संभाल कर रखें, फ़िर उस दिन शाम के वक़्त इस्राएल की सारी जमाअत उन्हें क़ुर्बान करे। और वे उस लहू में से कुछ लेकर उन घरों के दरवाज़ों की चौखटों के दोनों बाजुओं और ऊपर लगाएँ, जहाँ वे उस मेम्ने को खाएँगे।” — निर्गमन १२:३,५–७ HINOVBSI
उसी रात मिस्र देश पर इंसाफ़ करने के लिए, ख़ुदा का फ़रिश्ता आया और उसने हर पहलौठे को मार डाला, लेकिन उन घरों को बक़्श दिया जिनके दरवाज़ों पर मेम्ने का लहू छिड़का हुआ था।
यह घटना मिस्र के फ़िरौन के लिए आख़री चेतावनी साबित हुई। उसने इस्राइल के लोगों को मिस्र देश छोड़कर जाने का हुक़्म दिया और आख़िरकार उन्हें आज़ादी मिल गई! 🎉
आज भी यहूदी लोग हर साल फ़सह का पर्व मनाते हैं और याद करते हैं कि कैसे ख़ुदा ने अपने लोगों को मिस्र (फ़िरौन की ग़ुलामी) से आज़ाद किया (निर्गमन १२)।
क़रीबन १५०० साल बाद, बपतिस्मा देने वाले यूहन्ना ने यीशु मसीह के बारे में सबसे पहले यह कहा:
*“देखो! यह ख़ुदा का मेम्ना है, जो दुनिया के ग़ुनाहों को उठा ले जाता है!” — यूहन्ना १:२९ HINOVBSI
यीशु मसीह को फ़सह के पर्व के दौरान ही सूली पर चढ़ाया गया, ठीक उसी वक़्त जब मंदिर के आँगन में फ़सह के मेम्नों की क़ुर्बानी दी जा रही थी।
क्या यह सिर्फ़ इत्तिफ़ाक था? बिल्कुल नहीं! यह तो ख़ुदा की बेहतरीन योजना थी।
फ़सह के मेम्ने का लहू, जो लकड़ी के दरवाज़ों पर ऊपर-नीचे और दाएँ-बाएँ लगाया गया था, उस एक रात इस्राएलियों को ख़ुदा के इंसाफ़ से बचाया गया। लेकिन यीशु मसीह, जो असली और आख़री फ़सह का मेम्ना हैं, उसका लहू जो क्रूस पर बहाया गया, उसने हमें हमेशा के लिए छुड़ा लिया हैं!
*“क्योंकि मसीह, जो हमारा फ़सह का मेम्ना है, कुर्बान हो चुका है।” — १ कुरिन्थियों ५:७ HINOVBSI
आज थोड़ा वक़्त निकालकर यीशु मसीह का शुक्र अदा करें कि उसने हमारे ग़ुनाहों के लिए ख़ुद को उस मुक़म्मल फ़सह के मेम्ने के रूप में क़ुर्बान कर दिया।