• HI
    • AR Arabic
    • CS Czech
    • DE German
    • EN English
    • ES Spanish
    • FA Farsi
    • FR French
    • HI Hindi
    • HI English (India)
    • HU Hungarian
    • HY Armenian
    • ID Bahasa
    • IT Italian
    • JA Japanese
    • KO Korean
    • MG Malagasy
    • MM Burmese
    • NL Dutch
    • NL Flemish
    • NO Norwegian
    • PT Portuguese
    • RO Romanian
    • RU Russian
    • SV Swedish
    • TA Tamil
    • TH Thai
    • TL Tagalog
    • TL Taglish
    • TR Turkish
    • UK Ukrainian
    • UR Urdu
Publication date 7 जून 2026

क्या आप हर रोज़ यीशु मसीह के पास जाते हैं, ताकि उसके जीवित जल से अपनी रूह की प्यास बुझा सकें?

Publication date 7 जून 2026

क्या आपने कभी रेगिस्तान का सफ़र किया है? कई साल पहले, मुझे ऑस्ट्रेलिया के दूर-दराज़ इलाकें में सफ़र करने का मौका मिला था। यह एक बहुत ख़ूबसूरत अनुभव था, लेकिन थोड़ा डरावना भी। वहाँ इतनी ज़्यादा गर्मी थी कि अगर हमारी गाडी ख़राब हो जाती या हमारा पानी ख़त्म हो जाता, तो हमारी जान ख़तरे में पड़ सकती थी, क्योंकि यह गर्मी कुछ ही घंटों में जान ले सकती थी। 🥵

ख़ुदा का शुक्र है कि हमारे पास इस सफ़र पर एक बहुत ही क़ाबिल मार्गदर्शक था, जो पूरी तरह तैयार था और हमें सही सलामत वापस ले आया।

इस्राएल के लोगों को तो ४० साल तक रेगिस्तान में सफ़र करना पड़ा! उस दौरान वे खाने और पानी के लिए पूरी तरह से ख़ुदा पर निर्भर थे।

निर्गमन १७ में हम पढ़ते हैं कि जब पानी ख़त्म हो गया, तो वे इतने प्यासे हो गए कि उन्होंने मूसा को पथराव करने की ठान ली, क्योंकि वे अपनी हालत के लिए उसी को ज़िम्मेदार ठहरा रहे थे। तब मूसा ने ख़ुदा से फ़रियाद की और ख़ुदा ने उसे कहा कि वह अपनी लाठी चट्टान पर मारे और उसमें से पानी निकल पड़ा।

यह चट्टान यीशु मसीह की झलक दिखाती है (१ कुरिन्थियों १०:१-४ HINOVBSI)। बाइबल में कई बार ख़ुदा को “चट्टान” कहा गया है (जैसे व्यवस्थाविवरण ३२:३-४ HINOVBSI और भजन संहिता १८:२ HINOVBSI)। और यूहन्ना ४ में, यीशु मसीह अपने बारे में कहता हैं:

*“जो कोई वह जल पीएगा जो मैं उसे दूँगा, वह कभी प्यासा न होगा; बल्कि जो जल मैं उसे दूँगा, वह उसमें एक झरने का रूप ले लेगा जो हमेशा की ज़िंदगी के लिए उभरता रहेगा।” - यूहन्ना ४:१४ HINOVBSI 

अच्छी ख़बर यह है कि अब हमें उस चट्टान को मारने की ज़रूरत नहीं है; उसे एक बार हमेशा के लिए मारा गया जब यीशु मसीह क्रूस पर क़ुर्बान हुआ था। अब हमें सिर्फ़ माँगना है और उस “जीवित जल” को पाना है जो कभी सूखेगा नहीं!

हो सकता है कि हमें हमेशा इसका एहसास न हो, लेकिन हम एक रूहानी रेगिस्तान में जी रहे हैं और हमें लगातार पानी की ज़रूरत है। हमारा काम है कि हम हर दिन यीशु मसीह, जो हमारी चट्टान हैं, के पास जाएँ और उसके जीवित जल से पिएँ। और इसकी बेहतरीन शुरुआत रोज़ाना “चमत्कार के प्रोस्ताहन” पढ़ने से होगी!

आप एक चमत्कार हैं।

Jenny Mendes
Author

Purpose-driven voice, creator and storyteller with a passion for discipleship and a deep love for Jesus and India.