क्या आप यीशु मसीह में सच्चा विश्राम पाते हैं?
पुराने नियम में यीशु मसीह को खोजने की इस सीरीज़ के ६ दिन में आपका स्वागत है। 🤗
अब तक हमने देखा है कि कैसे यीशु मसीह पुराने नियम में अलग-अलग तरीकों से नज़र आता हैं, कुछ किरदारों में (जैसे दाऊद, योना और इसहाक), भोजन में (मन्ना) और शहरों में (पनाह के शहर)। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हफ्ते के एक दिन में भी यीशु मसीह की झलक मिलती है?
ज़रा अंदाज़ा लगाए…
अगर आपने शब्बाथ कहा, तो आप बिल्कुल सही हैं!!
पुराने नियम की व्यवस्था के मुताबिक़, ख़ुदा के लोगों को शब्बाथ मानना ज़रूरी था, पुरें एक दिन का विश्राम। शब्बाथ को पाक माना जाता था और उस दिन किसी को भी काम करने की इजाज़त नहीं थी, न नौकरों को, न जानवरों को और न ही परदेसियों को। सबके लिए विश्राम ज़रूरी था (निर्गमन २०:८-११ HINOVBSI)।
कुलुस्सियों २:१६-१७ HINOVBSI में पौलुस लिखता हैं:
*“इसलिए कोई तुम्हे मुजरिम न ठहराए की क्या खाते-पीतें या कौनसा धार्मिक त्योहार मनातें हो, नए चाँद के पर्व या शब्बाथ के दिन के विषय में। ये सब आने वाली बातों की परछाई हैं, पर हक़ीक़त तो ख़ुद यीशु मसीह में पाई जाती है।”
यीशु मसीह में हमें सच्चा शब्बाथ और विश्राम मिलता है। उसमें हमें अपने कामों के बोझ तले दबकर जीने की ज़रूरत नहीं है, क्योंकि हमारे काम हमें बचा ही नहीं सकते। सिर्फ़ यीशु मसीह ही हमे बचा सकता हैं। जब उसने क्रूस पर कहा, “पूरा हुआ”, तब उसने वह काम पूरा कर दिया था (यूहन्ना १९:३० HINOVBSI)।
अब हम अपनी शांति और विश्राम मसीह में पाते हैं, सिर्फ़ हफ़्ते के एक दिन नहीं, बल्कि अपनी ज़िंदगी के हर दिन में। वही हमारा शब्बाथ हैं!
*“क्योंकि इस्राएल का पाक ख़ुदा यह फ़रमाता हैं: “पश्चाताप और विश्राम में ही, तुम्हारा उद्धार है और ख़ामोशी और भरोसे में ही, तुम्हारी ताक़त है।” – यशायाह ३०:१५ HINOVBSI
आज थोड़ा वक़्त निकालकर (और हर दिन भी) यीशु मसीह में विश्राम करें। अगर आपको शुरुआत करने में मदद चाहिए, तो ‘तन्हाई और ख़ामोशी’ इस सीरीज़ के ज़रिये शुरू करना एक अच्छा तरीका हो सकता है।