यीशु मसीह की मौत और पुनरुत्थान, योना की कहानी से भी ज़्यादा शक्तिशाली हैं।
मैंने पिछले साल योना की क़िताब पर एक सीरीज़ लिखी थी और बाद में उसे YouVersion Bible App पर एक पढ़ने की योजना के रूप में भी अपलोड किया है। हमारे बहुत-से पढ़नेवालों को वह सीरीज़ बहुत पसंद आई है। अगर आपने इसे अभी तक नहीं पढ़ा है, तो मैं आपसे इसे ज़रूर पढ़ने की गुज़ारिश करना चाहती हूँ।
लेकिन उस सीरीज़ में मैंने एक बात पर चर्चा नहीं की थी कि योना की कहानी, यीशु मसीह की ओर भी इशारा करती है। आज मैं आपके साथ उसी बात को थोड़ा समझना चाहती हूँ।
मत्ती १२ में हम पढ़ते हैं कि फ़रीसी, यीशु मसीह से एक निशानी माँगते हैं। तब यीशु मसीह कहता हैं कि उन्हें योना की निशानी दी जाएगी:
*“क्योंकि जैसे योना तीन दिन और तीन रात बड़ी मछली के पेट में रहा, वैसे ही मनुष्य का पुत्र तीन दिन और तीन रात ज़मीन के अंदर रहेगा।” — मत्ती १२:४० HINOVBSI
मुझे हमेशा यह देखकर आश्चर्य होता है कि निनवे में योना की सेवकाई कितनी असरदार थी। योना की बस एक भविष्यवाणी पर पूरा शहर, यहाँ तक कि राजा भी फ़ौरन ख़ुदा पर ईमान ले आता है और पश्चाताप करता है (योना ३:५-६ HINOVBSI)।
शायद बात सिर्फ़ यह नहीं थी कि क्या कहा गया, बल्कि यह कि किसने कहा।
योना की कहानी में हमें यीशु मसीह की झलक दिखाई देती है। वह मर गया है (कम से कम नाविकों ने तो यही समझा), उसे तूफ़ानी समुंदर की गहराइयों में फ़ेक दिया गया था और तीन दिन तक वह वहीं रहा, ऐसा लगा मानो ख़ुदा ने उसे छोड़ दिया हो। फ़िर भी योना वापस ज़िंदा होकर लौटता है और उस बचाने वाले ख़ुदा की गवाही देता है (योना १:११-१५ HINOVBSI)।
निनवे के लोगों ने यक़ीन किया यह इंसान ज़रूर ख़ुदा का नबी होगा। और अगर ख़ुदा समुंदर में मरे हुए आदमी को फ़िर से ज़िंदगी दे सकता है, तो शायद वह निनवे जैसे पापी शहर पर भी रहम कर सकता है।
लेकिन यीशु मसीह की मौत और पुनरुत्थान, योना की कहानी से भी कई ज़्यादा शक्तिशाली हैं। यह गवाही देती है कि ख़ुदा हर चीज़ पर अधिकार रखता है, यहाँ तक कि मौत पर भी। तीसरे दिन, यीशु मसीह फ़िर से ज़िंदा हुआ। यह इस बात का अटल सबूत है कि वह कौन हैं: ख़ुदा का बेटा।
यीशु मसीह के सिवाय इतना ज़्यादा शक्तिशाली, भरोसेमंद और सच्चा कौन हो सकता है, जो ख़ुदा होकर इंसान बना और मौत पर भी जित पाई?
कोई नहीं! ख़ुदा का पैग़ाम सच्चा और सामर्थ से भरा है।