मोहब्बत… हमेशा सफ़ल रहती है।
पूरा हफ़्ता हमने मोहब्बत के मतलब को समझने में बिताया हैं और अब हम इसके आख़री गुण के साथ ख़त्म कर रहे हैं, जैसा पौलुस ने १ कुरिन्थियों १३ में लिखा है:
*”मोहब्बत कभी असफ़ल नहीं होती।” – १ कुरिन्थियों १३:८ HINOVBSI
बाकी सब कुछ टल जाएगा, भविष्यवाणियाँ, ज्ञान, बुद्धिमत्ता के लफ्ज़, यहाँ तक कि ईमान भी। लेकिन मोहब्बत हमेशा क़ायम रहेगी।
क्यों? क्योंकि मोहब्बत ख़ुदा की फ़ितरत है। यह अनंतकाल की है, अटल है और जयवंत है। जहाँ सब कुछ मिट जाता है, वहाँ मोहब्बत क़ायम रहती है।
हर मोहब्बत का कार्य, चाहे वह दिखे या गुमनाम रहे, अनंतकाल तक गूँजता रहेगा। लफ्ज़ गायब हो जाएंगे। क़ामयाबियाँ भुला दी जाएँगी। लेकिन जो मोहब्बत आप देते हैं, वह दिलों और स्वर्ग में अटल असर को छोड़ती है।
जब मैं १ कुरिन्थियों १३ की आयतें पढ़ती हूँ, तो मैं अक़सर एक छोटा सा बदलाव करती हूँ जो मेरे दिल पर गहरा असर डालता है। जहाँ भी १ कुरिन्थियों १३ में “मोहब्बत” यह शब्द आता है, मैं उसे “ख़ुदा” से बदल देती हूँ, क्योंकि बाइबल हमें बताती है कि ख़ुदा ही मोहब्बत है १ यूहन्ना ४:८। इसका मतलब है कि मैं बे-झिझक कह सकती हूँ:
*”ख़ुदा सब्र पसंद है।ख़ुदा मेहरबान है।ख़ुदा ईर्ष्या नहीं करता, ख़ुदा घमंड नहीं दिखाता है। ख़ुदा अपराधों का हिसाब नहीं रखता।ख़ुदा बुराई में ख़ुश नहीं होता, बल्कि सच्चाई में ख़ुश होता है।ख़ुदा हमेशा हिफ़ाज़त करता है, हमेशा भरोसा करता है, हमेशा उम्मीद रखता है और हमेशा सब्र करता है।क्यों? क्योंकि ख़ुदा कभी नाक़ाम नहीं होता।” – १ कुरिन्थियों १३:४–८ HINOVBSI
आज, इस ख़ूबसूरत और पवित्र पल में, उस सच्चाई में विश्राम करें कि ख़ुदा की मोहब्बत आपके लिए कभी असफ़ल नहीं होती और उसीके ज़रिए, आपकी मोहब्बत भी पूरी ज़िंदगी भर अटल हो सकती है।
ऐ आसमानी पिता, तेरा शुक्रिया कि तेरी मोहब्बत कभी असफ़ल नहीं होती। मुझे सिखा कि मैं अपनी ज़िंदगी को इसकी मज़बूत नींव पर बनाऊँ। हर लफ़्ज़, हर कार्य और हर ख़याल ऐसी मोहब्बत से बहता रहे जो तेरी मोहब्बत की झलक दिखाएँ, एक ऐसी मोहब्बत जो अटल हो, दिलेर हो और क़ायम रहने वाली हो। यीशु मसीह के नाम में, आमीन।