मोहब्बत… प्रचंड होती है।
भारत में लंबी और सुनहरे बालों वाली होने का एक नुक़सान यह है कि, कभी-कभी इससे अनचाही नज़रें और ध्यान खिंचा जाता है।
जब मैं अपने आप को किसी असहज हालात में पाती हूँ तब कॅमरॉन और मैं आपस में एक इशारा करतें है। मिसाल के तौर पर, जब कोई ज़िद्दी दुकानदार मुझे कुछ ख़रीदने के लिए ज़ोर देता हैं या जब मुंबई की सड़कों पर अनजान व्यक़्ति तस्वीर लेने की क़ोशिश करता है तब मैं एक ख़ास सीटी बजाकर कॅमरॉन का ध्यान खींचती हूँ और वह फ़ौरन मेरी मदद के लिए हाज़िर होता है। 🥰
यह मुझे मोहब्बत और हिफ़ाज़त का एहसास दिलाता है और मुझे इस आयत की याद दिलाता है:
*“मोहब्बत हमेशा हिफ़ाज़त करती है, हमेशा ऐतबार करती है, हमेशा उम्मीद रखती है, हमेशा सब्र रखती है।” — १ कुरिन्थियों १३:७ HINOVBSI
मोहब्बत नाज़ुक नहीं होती। यह ईमान में प्रचंड, तूफ़ानों में स्थिर और ज़िंदगी भर दृढ़ रहती है। यह उन लोगों की हिफ़ाज़त करती है जिनसे वह मोहब्बत करती है। यह हमेशा सब कुछ नेकी की नज़रों से देखती हैं, निराशा में भी उम्मीद रखती है और मुश्किल हालातों में भी आगे बढ़ती है।
हम ऐसी दुनिया में रहते हैं जहाँ बहुत जल्दी हार मानी जाती है। यह लोगों, वायदों और यहां तक कि ईमान को भी आसानी से छोड़ देती है। लेकिन मोहब्बत क़ायम रहती है, क्योंकि यह ख़ुदा में जड़ें रखती है, जिसकी मोहब्बत कभी असफ़ल नहीं होती।
इसका मतलब यह नहीं कि मोहब्बत दर्द को नज़रअंदाज़ करती है या ऐसे दिखावा करती है कि सबकुछ अच्छा चल रहा है। बल्कि इसका मतलब यह है कि मोहब्बत सुविधा से ज़्यादा वफ़ादारी को चुनती है।
क्या आपकी ज़िंदगी में ऐसे लोग या हालात हैं जो आपकी मोहब्बत को तोड़ने की कोशिश करते हैं? आज ख़ुदा आपको हिफ़ाज़त, भरोसा, उम्मीद और सब्र रखने का न्योता दे रहा है।
ख़ुदा चाहता है कि आप मोहब्बत में दृढ़ रहें और हार मानकर दूर न जाएँ।
ऐ आसमानी पिता, मुझे सब्र के साथ मोहब्बत करना सिखा। जब मैं हार मानने के लिए बहकाई जाती हूँ, तो मुझे उम्मीद से भर दें। जब भरोसा ख़तरें जैसा लगे, तो मुझमें ईमान मज़बूत कर और मेरी ताक़त की बजाय, तेरी ताक़त से मुझे मोहब्बत करने में मदद कर। यीशु मसीह के नाम में, आमीन।