ख़ुदा आपके भविष्य को देखता है।
क्या आप कभी सोचते हैं कि ५ या १० साल बाद आपकी ज़िंदगी किस मोड़ पर होगी? क्या अच्छा नहीं होता अगर कभी-कभी, सिर्फ़ जिज्ञासा से, हम भविष्य की एक झलक देख पाते? 😇
अफ़सोस, हम ऐसा नहीं कर सकते और शायद यही बेहतर है। अगर ख़ुदा को लगता कि हमें भविष्य देखने की ज़रूरत है, तो यक़ीनन वह यह क़ाबिलियत हमें दे देता।
इसके बजाय, उसने हमें यह भरोसा दिया है कि हर दिन हमें वही मिलेगा जिसकी हमें ज़रूरत है।
*”ख़ुदावंद की मोहब्बत कभी ख़त्म नहीं होती;उसकी रहमतें कभी ख़त्म नहीं होतीं;वे हर सुबह नई होती हैं;तेरी वफ़ादारी अज़ीम है।“ख़ुदावंद मेरा हिस्सा है,” मेरी रूह कहती है,“इसलिए मैं उसी पर उम्मीद रखूँगा।” — विलापगीत ३:२२–२४ HINOVBSI
हम अपने भविष्य को नहीं देख सकते लेकिन ख़ुदा उसे ज़रूर देख सकता है। वह जानता है कि हमारे लिए आगे क्या रखा है और वह हमसे यह वादा करता है:
*“'तुम्हारे लिए बनाए गए हर मंसूबे को मैं जानता हूँ, ये मंसूबे तुम्हें नुक़सान पहुँचाने के लिए नहीं, बल्कि तुम्हे तरक़्क़ी, उम्मीद और एक रोशन भविष्य देने के लिए हैं।” – यिर्मयाह २९:११ HINOVBSI
यह जानकर मुझे सुक़ून मिलता है कि ख़ुदा पूरी तस्वीर को देख सकता है, तब भी जब हम नहीं देख पाते। कभी-कभी हम अपने हालातों से घिरे हुए महसूस कर सकते है लेकिन ख़ुदा ने पहले ही तय किया है कि वह उन सारी मुश्किलों को हमारे भले के लिए कैसे इस्तेमाल करेगा।
*”और हम जानते हैं कि जो लोग ख़ुदा से मोहब्बत रखते हैं, उनके लिए वह हर बात में भलाई के लिए काम करते है उनके लिए जिन्हें उसके मक़सद के मुताबिक़ बुलाया गया है।” — रोमियों ८:२८ HINOVBSI
क्या आप अपनी मौजूदा हालातों से निकलने का रास्ता देख पाने में संघर्ष कर रहे हैं? क्या कभी-कभी भविष्य अनजान लगता है? आप अकेले नहीं हैं।
हमें एक ई-मेल भेजें, हम दुआ और हौसले के साथ आपके साथ चलना चाहेंगे।