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Publication date 5 मई 2026

ख़ुदा ने हमें उसके अज़ीम कामों को याद करने के लिए पर्व बनाए हैं।

Publication date 5 मई 2026

आनेवालें रविवार को मदर्स डे है और मैं इस बात को गहराई से महसूस करती हूँ कि यह दिन हर किसी के लिए ख़ुशी से भरा हुआ नहीं होता, मेरे लिए भी नहीं।

बहुत-सी महिलाओं के लिए यह दिन उन पुरानी यादों को फ़िर से जगा देता है। वो दिन जब वे माँ बनने का सपना संजोए बैठी थीं, पर अब वह ख़्वाब कहीं चुपचाप दिल की गहराइयों में दफ़न हो चुका है। यह उन स्त्रियों का दर्द भी साथ ले आता है जिन्होंने अपने बच्चे को गर्भ में ही खो दिया, या जन्म के बाद उन्हें अलविदा कहना पड़ा, या वे जो अपने बच्चों को अब देख भी नहीं पातीं। और फ़िर वे महिलाएँ भी हैं, जिनके लिए यह दिन अपनी ही माँ की यादों से भरा होता है, उनकी कमी का अहसास, उनकी गोद की गर्माहट की तड़प, और एक ख़ामोश शोक जो दिल के किसी कोने में आज भी ज़िंदा है।

पिछले कुछ सालों में, मदर्स डे जैसे आँसुओं से भरे दिनों से गुज़रते हुए, मैंने ख़ुदा और उसके ज़रिए ठहराए गए पर्वों के बारे में कुछ बहुत ही ख़ास और मीठी सच्चाइयों को समझा और महसूस किया है।

मदर्स डे, फादर्स डे, वैलेंटाइन डे और यहाँ तक कि क्रिसमस और ईस्टर जैसे मसीही त्यौहार अक़सर इन बातों पर आधारित होते हैं: 

  • हम क्या हैं (एक माँ, एक पिता, एक प्रेमी, आदि) 
  • हमारे पास क्या है या हमें क्या मिलता है (बच्चे, जीवन-साथी, तोहफ़े, खाना, आदि) 
  • हम क्या करते हैं (डिनर, नाच-गाना, पारिवारिक रस्में, तोहफ़ों का आदान-प्रदान, आदि)

ऐसे त्यौहार अक़सर कई लोगों के गहरे घाव ताज़ा करते हैं, या उन्हें अजीब-सा महसूस करातें हैं।

इसके विपरीत, अगर हम बाइबल में मनाए जाने वाले पर्वों पर नज़र डालेंगे, तो वे हम पर नहीं बल्कि ख़ुदा पर केंद्रित हैं और हर कोई उन्हें मना सकता है।

फ़सह (या पेसह) इस बात का जश्न है कि कैसे ख़ुदा ने इस्राएलियों को मिस्र से आज़ादी दी। यह मेम्ने के लहू का प्रतीक है, जो यीशु मसीह की क़ुर्बानी की ओर इशारा करता है (निर्गमन १२)। सुक्कोत, ख़ुशी से भरा, एक हफ्ते का त्योहार है, जो जंगल में ख़ुदा के ज़रिए किए गए इंतज़ाम को याद करता है (लैव्यव्यवस्था २३:३३–४४)। और ऐसे कई और पर्व भी हैं।

इन त्योहारों को ख़ुदा ने इस लिए बनाया कि हम उसके किए हुए अज़ीम कामों को याद करें, उसके और क़रीब आएँ, और उसकी फ़ज़ल भरी रहमत में सुक़ून हासिल करें।

अगर आप भी मेरी तरह उन त्योहारों में संघर्ष महसूस करती हैं? यह हमेशा याद रखें कि आपका ख़ुदा आपसे बेइंतिहा मोहब्बत करता हैं।

कुछ पल ठहरकर, अपनी ज़िंदगी में उसके सभी अज़ीम कामों को याद करें और ख़ुद को उसकी फ़ज़ल और रहमत में आराम करने दें।

आप एक चमत्कार हैं।

Jenny Mendes
Author

Purpose-driven voice, creator and storyteller with a passion for discipleship and a deep love for Jesus and India.