• HI
    • AR Arabic
    • CS Czech
    • DE German
    • EN English
    • ES Spanish
    • FA Farsi
    • FR French
    • HI Hindi
    • HI English (India)
    • HU Hungarian
    • HY Armenian
    • ID Bahasa
    • IT Italian
    • JA Japanese
    • KO Korean
    • MG Malagasy
    • MM Burmese
    • NL Dutch
    • NL Flemish
    • NO Norwegian
    • PT Portuguese
    • RO Romanian
    • RU Russian
    • SV Swedish
    • TA Tamil
    • TH Thai
    • TL Tagalog
    • TL Taglish
    • TR Turkish
    • UK Ukrainian
    • UR Urdu
Publication date 4 मई 2026

यीशु मसीह हर दुःख और दर्द से पूरी तरह वाक़िफ़ था।

Publication date 4 मई 2026

आने वाले रविवार को हम मदर्स डे मना रहे हैं। मैंने सोशल मीडिया पर पहले भी साझा किया है कि यह दिन मेरे लिए कितना मुश्क़िल होता है, लेकिन यहाँ, हमारे चमत्कारों के प्रोस्ताहन में, मैंने इसके बारे में गहराई से कभी नहीं लिखा। इस हफ्ते मैं वही करने जा रही हूँ।

सबसे पहले, मैं यह साफ़ कहना चाहती हूँ: मैं मेरी माँ, मेरी सास और अपनी ज़िंदगी की सभी माँओं के लिए दिल से शुक्रगुज़ार हूँ। वे सभी मोहब्बत और जश्न के हक़दार हैं और यह सच है।

लेकिन इसके साथ-साथ, मेरे लिए हर साल मदर्स डे, दर्दनाक यादों की बारात भी लेकर आता है। एक माँ के तौर पर मैंने बहुत कुछ खोया है। ज़ैक के बीमार पड़ने और हमारी ज़िंदगी हमेशा के लिए बदलने से पहले, मुझे एक नई, गर्व से भरी, ख़ुश माँ के रूप में, यह त्यौहार महज़ एक ही बार मनाने का मौक़ा मिला था।

ज़ैक की गंभीर हालत से जूझते हुए, उन सालों में मैंने कई दफ़ा अपने आपको एक माँ नहीं लेकिन एक नर्स, देखभाल करने वाली, थैरेपिस्ट और कभी-कभी तो एक डॉक्टर जैसे भी महसूस किया था। मैं “आम माँ वाली चीज़ें” नहीं कर पाई। ज़ैक मुझे “माँ” कह भी नहीं पाता था।

और अब, जब ज़ैक इस दुनिया में नहीं रहा, मदर्स डे मेरे लिए उन बेहद दर्दनाक दिनों में से एक बन गया है, जब मैं ख़ुद से पूछती हूँ, “एक बिन-बच्चों की माँ, मदर्स डे कैसे मनाती है?” इसके लिए कोई आपको तैयार नहीं करता।

शायद आपकी कहानी मेरी कहानी जैसी है। या शायद मदर्स डे नहीं, बल्कि कोई और दिन आपके लिए मुश्क़िल होता हो जैसे वैलेंटाइन डे, क्योंकि आप अभी शादीशुदा नहीं होंगे; हो सकता हैं की, क्रिसमस, क्योंकि आपके पास परिवार नहीं है जिसके साथ आप क्रिसमस मना सकें; या फ़िर कोई और मौक़ा जो आपके ज़ख़्मों को बढ़ा देता हो जैसे जन्मदिन, पारिवारिक सहभागिता, या शादी।

इस हफ्ते मैं उन कुछ बातों को साझा करना चाहती हूँ जिन्होंने मुझे ऐसे मुश्क़िल दिनों से गुज़रने में मदद की हैं। लेकिन सबसे बढ़कर, मैं चाहती हूँ कि आप यह याद रखें कि यीशु मसीह हर दुःख और दर्द से पूरी तरह वाक़िफ़ था।

*“मानवजाति ने यीशु मसीह को तुच्छ माना और उसे ठुकराया भी। वह हर दुःख और दर्द से पूरी तरह वाक़िफ़ था। लोग उससे मुँह मोड़ लेते थे।”यशायाह ५३:३ HINOVBSI 

सिर्फ़ यीशु मसीह आपको और आपके हालातों को सच में समझ सकता है। आज के दिन अपनी सारी तक़लीफ़ें, ग़म और दर्द, उसके साथ साझा करें और आसमानी दिलासा हासिल करें।

आप एक चमत्कार हैं।

Jenny Mendes
Author

Purpose-driven voice, creator and storyteller with a passion for discipleship and a deep love for Jesus and India.