ख़ुदा की आज्ञाओं को मानते रहें, क्योंकि वे कभी बोझिल नहीं होतीं हैं।
कल मैंने अपनी ज़िंदगी की सबसे डरावनी उड़ान के दौरान, हवाई जहाज़ में आई वायु-अशांति के बारे में बात की थी।
आज भी मुझे याद है कि हवाई जहाज़ के कर्मचारी कितने शांत थे। वे हमें बार-बार याद दिला रहे थे कि हम अपनी सीट पर बैठे रहें और सीटबेल्ट कसकर बाँधे रखें।
मैं उनसे नाराज़ हो सकता था और कह सकता था,“आप मेरी आज़ादी सीमित करने की क़ोशिश कर रहे हैं। मैं अपनी सीट पर नहीं बैठना चाहता, मैं जहाज़ में इधर-उधर चलना चाहता हूँ।” या फ़िर,“मुझे सीटबेल्ट पहनना पसंद नहीं है, यह बहुत पाबंदी-सी लगती है।” लेकिन हम सब जानते हैं कि ऐसा सोचना बेवकूफ़ी हैं, क्योंकि सीटबेल्ट पहनने का निर्देश मुझे सीमित करने के लिए नहीं, बल्कि मेरी हिफ़ाज़त के लिए था।
तेज़ वायु-अशांति के दौरान, अगर कोई सीटबेल्ट न बाँधे, तो वह सचमुच जहाज़ की छत से जा टकरा सकता है और गंभीर चोट लग सकती है। उन्होंने यह पक्का किया कि मैं महफूज़ अपनी सीट पर बैठा रहूँ।
उसी तरह, ख़ुदा का वचन और उसकी आज्ञाएँ आपको क़ाबू में रखने, सीमित करने या रोकने के लिए नहीं हैं। वे आपकी देखभाल और हिफ़ाज़त के लिए हैं।
*“दरअसल, ख़ुदा की आज्ञाओं को मानते रहें, क्योंकि वे कभी बोझिल नहीं होती हैं। — १ यूहन्ना ५:३ HINOVBSI
*”यदि आप राज़ी और आज्ञाकारी हों, तो आप इस ज़मीन का अच्छा फ़ल खाएँगे।” — यशायाह १:१९-२० HINOVBSI
फ़रमाबरदारी मुझे एक मज़बूत जगह पर क़ायम कर देती है, यहाँ तक कि तब भी जब मेरी ज़िंदगी में आत्मिक वायु-अशांति आती है। जब मैं उन बातों पर ग़ौर करता हूँ जिन्हें मैं सही और सच्चा मानता हूँ और फ़रमाबरदारी में चलता हूँ, तो मेरी ज़िंदगी ज़्यादा महफूज़ और मज़बूत हो जाती है।
क्या आपकी ज़िंदगी में फ़रमाबरदारी के ऐसे क्षेत्र हैं जिनमें आपको जूझना पड़ता है? क्या ख़ुदा के क़लाम में कुछ निर्देश आपको पाबंदियों जैसे लगते हैं? क्या आपके अंदर का कोई हिस्सा ऐसा है जो आज़ाद होना चाहता है, जिसे आप जानते हैं कि सही नहीं है?
आइए दुआ करें:
ऐ आसमानी पिता, शुक्रिया कि तेरा क़लाम मेरी हिफ़ाज़त के लिए है। मुझे यह देखने में मदद कर कि तेरी शिक्षाएँ अच्छी हैं और मुझे ऐसा दिल दे कि मैं किसी बग़ावत के बिना तेरी आज्ञा मान सकूँ। मेरी ज़िंदगी के उन सभी क्षेत्रों को मुझ पर ज़ाहिर कर जहाँ मैं तेरे क़लाम का पालन नहीं कर रहा हूँ, ताकि मैं पश्चाताप कर सकूँ। यीशु मसीह के नाम में, आमीन।