वायु-अशांति इस बात का सबूत है कि आप आगे बढ़ रहे हैं।
इस हफ़्ते हम उड़ान के बारे में बात कर रहे हैं और अपनी आत्मिक ज़िंदगी से उसकी कुछ तुलना कर रहे हैं। आज मैं आपको अपनी ज़िंदगी की सबसे डरावनी उड़ान के बारे में बताना चाहता हूँ।
यह अमेरिका में हुआ था। हम सिएटल से डेनवर, कोलोराडो जा रहे थे। मुझे तब पता नहीं था, लेकिन बाद में मालूम हुआ कि कोलोराडो जाने वाली उड़ानें अक़सर ज़्यादा वायु-अशांति के लिए मशहूर हैं। इसकी वजह हवाई अड्डे की ऊँचाई और उसके आसपास के पहाड़ बताए जाते हैं।
एक समय पर तो पायलट ने इंटरकॉम पर आकर कहा कि डेनवर पहुँचते वक़्त हमें थोड़े-से झटकें महसूस हो सकते है। “थोड़े-से”???? अगले पैंतालीस मिनट तक हम अपनी सीटों पर उछलते रहे। मैंने कई बार अपनी सीटबेल्ट कसकर बाँधी, ताकि कहीं मैं सीट से उछल न जाऊँ।
सीटबेल्ट की बत्ती लगातार जलती रही और विमान पूरे रास्ते हिलता-डुलता रहा, यहाँ तक कि लँडिंग के वक़्त भी।
इस अनुभव पर सोचते हुए मुझे यह एहसास हुआ कि दुनिया में कोई भी पायलट ऐसा नहीं है जो उड़ान के दौरान हर ख़राब हवा के झोंके से बच सके। और उसी तरह, यीशु मसीह पर ईमान करने वाला कोई भी इंसान ज़िंदगी के हर तूफ़ान से बच नहीं सकता।
यीशु मसीह ने ख़ुद कहा है:
*“दुनिया में तुम्हें तकलीफ़ें होंगी; लेकिन हौसला रखें, मैंने दुनिया पर जीत हासिल की है।” — यूहन्ना १६:३३ HINOVBSI
आपकी ज़िंदगी में भी ऐसे दौर आएँगे जब हालात ख़राब हवा के झोंकों जैसे महसूस होंगे। लेकिन वायु-अशांति का मतलब यह नहीं कि आप ग़लत दिशा में जा रहे हैं। इसका मतलब यह भी नहीं कि आप भटक गए हैं। असल में, वायु-अशांति इस बात का सबूत है कि आप अब भी आगे बढ़ रहे हैं।
ख़ुदा यह वादा करता है:
*“जब तुम पानी से होकर गुज़रोगे, मैं तुम्हारे साथ रहूँगा; और जब तुम नदियों से होकर चलोगे, तो वे तुझे न डुबाएँगें। जब तूम आग में से होकर चलोगे, तो तुम्हे आँच न लगेगी,और आग की लौ तुझे न जलाएगी।”— यशायाह ४३:२ HINOVBSI
आज ख़ुदा का शुक्र अदा करें कि उसने आपकी ज़िंदगी में अपनी मौजूदगी का वादा किया है, यहाँ तक कि उन पलों में भी, जब सब कुछ बहुत ज़्यादा उथल-पुथल महसूस होता है।