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Publication date 28 अप्रै. 2026

अपनी समझ पर निर्भर न रहे।

Publication date 28 अप्रै. 2026

कल मैंने आपसे अपनी हवाई जहाज़ के उड़ान से जुड़ी घबराहट के बारे में ख़ुलकर बताया था और यह भी साझा किया था कि मुझे यह कितना अजीब लगता है कि हम किसी ऐसे इंसान पर भरोसा कर लेते हैं, जिसे हम कभी मिले तक नहीं होते और फ़िर भी उसे हमें हवा में लगभग ३६,००० फ़ुट ऊपर ले जाने देते हैं।

इस हफ़्ते मैं उड़ान के इसी विषय पर बने रहना चाहता हूँ और इसके साथ-साथ कुछ और अनुभव आपके साथ साझा करना चाहता हूँ।

हवाई जहाज़ की उड़ान से मुझे इसलिए डर लगता है, क्योंकि मैं ख़ुद एक विमान को उड़ाना नहीं जानता। यह सुनने में शायद थोड़ा अजीब लगता होगा, लेकिन ज़रा समझने की क़ोशिश करें। हम इंसान होने के नाते, यह चाहते हैं कि जो कुछ हम करते हैं और जो हमारे साथ होता है, उस पर हमारा पूरा क़ाबू हो।

हम ख़ुद को सबसे ज़्यादा महफूज़ यानी अपने आराम के दायरें में तभी महसूस करते हैं, जब हम कोई ऐसा काम कर रहे होते हैं जिसे हम अच्छी तरह जानते हैं। क्योंकि अगर कुछ ग़लत हो जाए, तो हमारे पास उसे ठीक करने की क़ाबिलियत होती है।

लेकिन हवाई जहाज़ की उड़ान के साथ ऐसा नहीं होता है। मैं कोई पायलट नहीं हूँ और मुझे ज़रा भी नहीं पता कि हवाई जहाज़ कैसे उड़ाया जाता है। आपातकालीन स्तिथियों में, न तो मेरे पास विमान को ठीक करने का कोई ज्ञान है और न ही उसे महफूज़ तरीक़े से ज़मीन पर उतारने की समझ। हवा में रहते हुए, मुझे पूरी तरह पायलट की क़ाबिलियत और तजुर्बे पर भरोसा करना पड़ता है।

ज़िंदगी भी कुछ-कुछ हवाई जहाज़ की उड़ान जैसी ही है। हालाँकि बहुत-सी बातें ऐसी होती हैं जिन्हें हम समझते हैं और जिन पर हम क़ाबू रखतें है, लेकिन कुछ हालात ऐसे भी आते हैं जो हमारी समझ से परे होते हैं और जिन्हें हम ठीक नहीं कर सकते। कुछ इसके उदाहरण हैं; बीमारी, मौत, नुक़सान, मुश्क़िलें अतः।

ख़ुदा हमसे कहता है कि हम उस पर यक़ीन करें और यह ज़रूरी नहीं कि हम हर बात को समझ ही लें:

*“तू अपने पूरे दिल से ख़ुदा पर यक़ीन रख और अपनी समझ पर निर्भर न रहना। अपनी सारी राहों में उसी को मान और वह तेरे रास्तों को सीधा करेगा।”  नीतिवचन ३:५–६ HINOVBSI

सच तो यह है कि मुझे हवाई जहाज़ उड़ाने के बारे में कुछ भी समझ नहीं आता, लेकिन फ़िर भी मैं इस सच्चाई पर भरोसा करता हूँ कि उसे संभालने वाला इंसान को वो सबकुछ पता है, जो उसे जानना चाहिए।

ईमान का मतलब सबकुछ समझना नहीं है, बल्कि उस पर ऐतबार करना है, जो पुरें सफ़र की कमान सँभाले हुए है।

आप एक चमत्कार हैं।

Cameron Mendes
Author

Worship artist, singer-songwriter, dreamer and passionate about spreading the Gospel.