आसमान, ख़ुदा की महिमा का एलान करता है और फ़लक उसके हाथों के काम बयान करता है।
क्या आपने कभी ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ और ‘चाँदनी’ जैसी बॉलीवुड फ़िल्में देखी हैं, जिनमें हरे-भरे वादियों और बर्फ़ की सफ़ेद चादर से ढकी पहाड़ियों के ख़ूबसूरत नज़ारे नज़र आते हैं?
वे सभी नज़ारे, यूरोप के एक छोटे लेकिन बेहद ख़ूबसूरत देश, स्विट्ज़रलैंड के हैं। पिछले साल, कॅमरॉन और मैं स्विट्ज़रलैंड गए थे और वह जगह वाक़ई ज़बरदस्त और ख़ूबसूरत थी।
जब हम पहाड़ों पर, उन सबसे शानदार नज़ारों को देखते हुए चल रहे थे, तब इस क़ायनात की ख़ूबसूरती देखकर हम बस दंग रह गए थे।
यह मुझे भजन संहिता १९:१–४ HINOVBSI की याद दिलाता है:
*“आसमान, ख़ुदा की महिमा का एलान करता हैं, और फ़लक उसके हाथों के काम बयान करता है। दिन-दिन यह बात कहता है, और रात-रात ज्ञान ज़ाहिर करती है। न वहाँ कोई बोली है, न कोई लफ्ज़, उसकी आवाज़ सुनाई नहीं देती। फ़िर भी उसकी गूँज सारी पृथ्वी तक पहुँचती है, और उसका पैग़ाम दुनिया के आख़री छोर तक जाता है।”
हमारा ख़ुदा इस पूरी क़ायनात का निर्माता है। वही है जिसने पूरी शान के साथ पहाड़ बनाए, अपनी अज़ीमत में समुद्रों को रचाया और एक फ़ूल की नाज़ुक-सी बारीकियों को भी सजाया।
ख़ुदा क़ायनात के ज़रिये हमक़लाम होना पसंद करता है।
ख़ुदा के साथ, मेरी ज़िंदगी के कुछ सबसे क़रीबी और गहरे लम्हे, क़ुदरत के बीच रहते हुए आए हैं।
बे-शक़, हम में से ज़्यादातर लोगों के पास अपने घर से पहाड़ों का नज़ारा नज़र नहीं आता। लेकिन आसमान में उड़ते हुए परिंदों को कुछ पल देखकर, या अपने घर में खिले फ़ूलों पर ध्यान देकर भी, ख़ुदा आपको अपनी जलाल और महानता की याद दिला सकता है।
यीशु मसीह कहता हैं:
*“आसमान के परिंदों को देखे; न वे बोते हैं, न काटते हैं, और न खलिहानों में इकट्ठा करते हैं, फ़िर भी तुम्हारा आसमानी पिता उन्हें ख़िलाता है। क्या तुम उसकी तुलना में कहीं ज़्यादा क़ीमती नहीं हैं?” - मत्ती ६:२६ HINOVBSI