लेकिन जब वह सच्चाई की आत्मा आएगी, तब वह तुम्हें पूरी सच्चाई में रहनुमाई देगी।
इस हफ़्ते, हम इस बात पर ग़ौर कर रहे हैं कि ख़ुदा हमसे किन-किन तरीक़ों से हमक़लाम होता है। पूरी बाइबल में, ख़ुदा कई तरीक़ों से अपने लोगों से बातें करता है।
आदम और हव्वा, अदन की वाटिका में अपने आसमानी पिता के साथ टहलते थे (उत्पत्ति ३:८)। मूसा तंबू में ख़ुदा से इस तरह बातें करता था, जैसे कोई अपने दोस्त से बात करता है (निर्गमन ३३:११)। चेलों ने यीशु मसीह का अनुसरण किया, उससे बातचीत की और उसकी शिक्षाएँ सुनीं। - मरकुस ६।
लेकिन पुनरुत्थान के बाद, आसमान के उस पार, स्वर्ग में जाने से पहले, यीशु मसीह ने चेलों से बात करने के लिए एक नए रहनुमा का वादा किया था: पवित्र आत्मा।
*“लेकिन जब वह सच्चाई की आत्मा आएगी, तब वह तुम्हें पूरी सच्चाई में रहनुमाई देगी। वह अपने आप से कुछ न कहेगी, बल्कि जो कुछ सुनेगी वही कहेगी और तुम्हे आने वाली बातें बताएगी।” — यूहन्ना १६:१३ HINOVBSI
पवित्र आत्मा हर एक से बात करता है, सिर्फ़ भविष्यद्वक्ताओं या पासबानों से ही नहीं। हम सब उसकी रहनुमाई पा सकते हैं। लेकिन जब भी आपको ऐसा महसूस हो कि पवित्र आत्मा आपसे बात कर रहा है, तो उसे परख़ना बहुत ज़रूरी है।
*“भविष्यवाणियों का अपमान न करें, पर सब बातों को परखें; जो अच्छा है उसे लिपटकर रहें और हर तरह की बुराई से दूर रहें।” — १ थिस्सलुनीकियों ५:२०–२२ HINOVBSI
अपने आप से पूछें, “क्या यह बाइबल के मुताबिक़ है?” “क्या इससे मेरे दिल को सुक़ून मिलता है?” क्या यह शर्म या दोषभाव बढ़ाता है? ये सब अहम संकेत हैं यह समझने के लिए कि क्या यह ख़ुदा की रूह आपसे बात कर रही है, या शैतान आपके दिमाग़ को उलझाने की क़ोशिश कर रहा है।
मैं एक और बात बताना चाहती हूँ। अफ़सोस की बात है कि मसीही दुनिया में कई बार लोग दावा करते हैं कि उन्होंने सीधे ख़ुदा की आवाज़ सुनी हैं, लेकिन बाद में यह सामने आता है कि वह ख़ुदा की तरफ़ से नहीं थी। पिछले कुछ सालों में हमने कई भविष्यद्वक्ताओं को भी बे-नक़ाब होते देखा है, जो भविष्यवाणी के नाम पर जान-बूझकर लोगों को गुमराह करते रहे।
जब भी आपको किसी मसीही के ज़रिए, ख़ुदा से कोई भविष्यवाणी या वचन मिले, चाहे वह इंसान कितना भी धार्मिक, अहमियत से भरा या मशहुर क्यों न हो, हमेशा उसे परखें और जाँच के लिए ख़ुदा से दुआ करें।
अगर ख़ुदा आपसे सच में कुछ कहना चाहता है, तो वह साफ़-साफ़ और बार-बार कहेगा। महज़ इसलिए कि किसी ने कहा, “ख़ुदा ने मुझसे कहा,” वो वचन सत्य नहीं बन जाता। और अगर कोई हक़ीक़त में ख़ुदा का सेवक है, तो वह आपको लफ़्ज़ों को परख़ने के लिए प्रोत्साहित करेगा और यदि आप उन्हें बिना सोचे नहीं मानते, तो नाराज़ भी नहीं होगा।
अगर आपको इस मामले में किसी मदद की ज़रूरत है, या आप उन भविष्यवाणियों को लेकर उलझन में हैं जो आपको मिली हैं, तो बेझिझक हमें संदेश भेजें। हमारी टीम से कोई आपको ज़रूर संपर्क करेगा।