सलाह की कमी से मंसूबे नाक़ाम हो जाते हैं, मग़र बहुत-से सलाहकारों के साथ क़ामयाबी मिलती है।
क्या कभी ऐसा हुआ है कि आप अपनी ज़िंदगी में किसी अनजान मोड़ पर खड़े हैं और यह समझने की क़ोशिश कर रहे हैं कि यीशु मसीह आपको किस तरफ़ ले जा रहा हैं? ज़िंदगी के कुछ ऐसे चुनाव जैसे क्या पढ़ाई करनी है, या शादी करनी है, या किसी ख़ास करियर को अपनाना है या नहीं?
ज़िंदगी के हर छोटे-बड़े फ़ैसलों में, सही दिशा में जाने के लिए ख़ुदा की रहनुमाई और उसकी आवाज़ सुनना ज़रूरी हैं।
लेकिन सच तो यह है कि मुश्क़िल हालातों में निष्पक्ष होकर ख़ुदा की आवाज़ सुनना या उसकी बातों को समझना नामुमक़िन सा लग सकता हैं।
मिसाल के तौर पर, जब आप किसी से सच्ची मोहब्बत करते हों और उससे शादी करने की ख़्वाहिश रखते हों, तो उस वक़्त अगर ख़ुदा की ओर से “अभी नहीं” सुनाई दे, या यह एहसास हो कि आपको और इंतज़ार करना है, तो वह बात दिल को बेहद असहज और भारी लग सकती है। इसी तरह, अगर ख़ुदा आपसे आपकी मनपसंद नौकरी छोड़ देने को कहे, तो दिल अक़सर इस सच्चाई को मानने से इनकार कर देता है कि आपने सच में वही सुना है जो ख़ुदा कहना चाहता था।
ऐसे मामलों में, ख़ुदा दूसरे मसीही भाई-बहनो के ज़रिए बोल सकता हैं और उनकी सलाह लेना समझदारी की बात हो सकती हैं।
*“सलाह की कमी से मंसूबे नाक़ाम हो जाते हैं, मग़र बहुत-से सलाहकारों के साथ क़ामयाबी मिलती है।” — नीतिवचन 15:22 HINOVBSI
जब कॅमरॉन और मुझे, अपनी ज़िंदगी में एक अहम फ़ैसला लेना था, तो हमने चार लोगों से मदद माँगी, जिन्हें हम दोस्त मानते थे, साथ ही वे हमारी ज़िंदगी में आध्यात्मिक अगुवे भी थे। हमने उनसे सिर्फ़ इतना कहा कि हमें एक बड़ा फ़ैसला लेना है, लेकिन यह नहीं बताया कि वह क्या था।
एक हफ़्ते बाद, हमने हर एक से मुलाक़ात की और चारों को, हमारे लिए ख़ुदा की ओर से एक ही जैसा संदेश मिला था। क्या यह वाक़ई अद्भुत नहीं है?!
इससे हमें साफ़-साफ़ एहसास हुआ कि हम सही फ़ैसला ले रहे थे।
क्या आपके पास ऐसे लोग हैं जो ख़ुदा की ओर से आपकी ज़िंदगी में बोल सकते हैं? ऐसे ईमान से भरे लोग जो आध्यात्मिक रूप से परिपूर्ण हैं और बिना किसी पक्षपात या आपके फ़ैसलों को प्रभावित करने की इच्छा के, ख़ुदा की आवाज़ सुन सकें?
अगर नहीं, तो आज ही ख़ुदा से यह दुआ करें कि वो आपकी ज़िंदगी में ऐसे रहनुमा लाएँ।