तब तुम सच को जानोगे और सच तुम्हें आज़ाद करेगा।
ज़क्कई की कहानी पर ग़ौर करते हुए हम छठे दिन पर पहुँचे हैं और आज मैं उस चीज़ पर ग़ौर करना चाहता हूँ जो यीशु मसीह कहानी के आख़िर में कहता हैं:
“आज इस घर में उद्धार आया है, क्योंकि यह भी अब्राहम का बेटा है।” – लूका १९:९ HINOVBSI
यीशु मसीह का, अब्राहम का ज़िक्र अचानक करना थोडा असंबंधित लगता है। ज़क्कई, एक यहूदी होने के नाते, पहले से ही अब्राहम का वंशज माना जाता था। तो उस दिन की घटनाओं और ज़क्कई का पश्चाताप करने का अब्राहम के वंश से क्या लेना-देना?
लेकिन यीशु मसीह के चेलें शायद बिल्कुल जानते थे कि यीशु मसीह का इशारा किस तरफ़ था। उन्हें याद था कि यीशु मसीह ने यह बातचीत धार्मिक यहूदी नेताओं के साथ की थी, जैसा कि यूहन्ना के आध्याय ८ में लिखा है।
यीशु मसीह उन नेताओं से कहता हैं:
“अगर तुम मेरी शिक्षा को अपनाते हैं, तो तुम हक़ीक़त में मेरे चेलें हैं। तब तुम सच को जानोगे और सच तुम्हे आज़ाद करेगा।” – यूहन्ना ८:३१-३२ HINOVBSI
जिस पर वे जवाब देते हैं:
“हम अब्राहम के वंशज हैं और कभी किसी के ग़ुलाम नहीं रहे। तु कैसे कह सकता हैं कि हम आज़ाद होंगे?” – यूहन्ना ८:३३ HINOVBSI
यीशु मसीह उन्हें समझाता हैं कि भले ही वे अब्राहम के वंशज हैं, फ़िर भी वे ग़ुनाह के ग़ुलाम हैं और ग़ुलाम कभी आज़ाद नहीं होता। बेटें ही आज़ाद होते हैं। उन्हें यीशु मसीह की ज़रूरत है कि वो उन्हें आज़ाद करें, ताकि वे विरासत पा सकें (यूहन्ना ८:३४-३६)। जब यीशु मसीह कहता हैं कि ज़क्कई भी अब अब्राहम का बेटा है, इसका मतलब यह है कि यीशु मसीह में, ज़क्कई को ग़ुनाहों से आज़ादी हासिल हुई है।
यही आप पर भी लागू होता है:
*“तुम अब ग़ुलाम नहीं, बल्कि ख़ुदा के बेटें हैं; और जब तुम उसकी संतान हैं, तो ख़ुदा ने तुमको भी वारिस बना दिया है। – गलातियों ४:७ HINOVBSI