यरूशलेम से इम्माऊस की राह ‘आज अभी’ और ‘अभी तक नहीं’, के दरमियान की राह थी। — रूथ हेली बार्टन
इस हफ़्ते, हम इम्माऊस की राह पर चल रहे, दो चेलों की कहानी पर ग़ौर कर रहे हैं, जो लूका २४:१३–३५ HINOVBSI में लिखी है:
अपने सफ़र पर निकलने से ठीक पहले, उन चेलों ने यह ख़बर सुनी कि यीशु मसीह की क़ब्र ख़ाली है और कुछ महिलाओं ने फ़रिश्ते को देखा था, जिसने उन्हें बताया कि यीशु मसीह, ज़िंदा हुआ हैं।
वे चेले, उस सप्ताह के दर्दनाक घटनाओं के उलझन और गहरे सदमे में थे, लेकिन साथ ही, यीशु मसीह के पुनरुत्थान की ख़बर से उत्सुक भी। क्या वे फ़िर से उम्मीद करने की जुर्रत कर सकते थे?
मेरी पसंदीदा लेखिकाओं में से एक, रूत हेली बार्टन इस तनाव के बारे में लिखती हैं:
वे कहीं नुक़सान और मुमक़िन फ़ायदे के दरमियान थे, मातम और मुमक़िन ख़ुशी के बीच, गहरे इंसानी दर्द और शायद किसी क़िस्म की आज़ादी के बीच, नाउम्मीदों और शायद फ़िर से उम्मीद करने की जुर्रत के बीच। यरूशलेम से इम्माऊस की राह ‘आज अभी’ और ‘अभी तक नहीं’, के दरमियान की राह थी।
लेख़क, रिचर्ड रॉर के अनुसार, वे चेले तब एक “लिमिनल स्पेस” में थे। इसका मतलब है कि वे एक ख़ास रूहानी हालत में थे जहाँ किसी को रहना नापसंद हैं, लेकिन जहाँ ख़ुदा हमेशा रहनुमाई अता करता है।
लिमिनल स्पेस अक़सर अंदरूनी तूफ़ान को पैदा करता है: आपने जो अटल और भरोसेमंद था उसे छोड़ दिया है (या वह आपके हाथ से छुट गया है) और अब तक आप इसे किसी चीज़ से बदल नहीं पाए हैं।
बाइबल में ऐसे कई लोगों का ज़िक्र है जिन्होंने अपने आप को इन्ही हालातों में पाया:
- अब्राहम ने अपना देश और पिता का घर छोड़ा, एक ऐसी ज़मीन के लिए जिसे वह अभी नहीं जानता था।
- यूसुफ़ जेल में था, लेकिन जल्द ही शासक बननेवाला था।
- इस्राएलियों ने मिस्र और वादा किए गए देश के बीच, रेगिस्तान में भटकते हुए वक़्त बिताया।
- चेलें ऊपर के कमरे में इकट्ठे थे। उनका मसीहा चला गया था, लेकिन वादा किए गए मददगार के इंतज़ार मे थे।
क्या आपको ऐसा महसूस हो रहा है कि आप कही “बिच में” अटके हुए हैं? जैसे ख़ुदा ने आपको ऐसे ही छोड़ दिया हैं? या शायद आपको लगता है कि उसने आपको बिल्कुल तन्हा छोड़ दिया है?
यह वक़्त शायद असहज हैं, लेकिन इसका भी एक ख़ास मक़सद है। ख़ुदा और उसके रहनुमाई पर भरोसा रखें। वो आपके सफ़र में ज़रूर आपसे मुलाक़ात करेगा!