तुम्हारे लिए बनाए गए हर मंसूबे को मैं जानता हूँ, ये मंसूबे तुम्हें नुक़सान नहीं, बल्कि उम्मीद और एक रोशन भविष्य देने के लिए है।
क्या आपकी ज़िंदगी के लिए, आपके पास कुछ सपने हैं? ऐसे मक़सद या मुक़ाम जिन्हें आप हासिल करना चाहतें थे, या दिल में छिपी हुई भविष्य की एक हसीं तस्वीर?
क्या आपने कभी अपने सपनों को पूरा करने के लिए कई क़ुर्बानियां दि हैं? किसी अलग शहर में जाना, परिवार को छोड़ना, या एक अच्छी तनख़्वाह वाली नौकरी छोड़कर, ख़ुदा की सेवा करने के लिए चुनना?
यीशु मसीह के चेलें के साथ भी कुछ ऐसे ही हुआ था! उन सब ने अपनी नौकरियाँ (जैसे मछली पकड़ना या कर वसूली) छोड़ दी थीं ताकि वे यीशु मसीह का अनुसरण कर सकें। उन्होंने, यीशु मसीह को एक गुरु और मसीहा के रूप में स्वीकार किया था। यह वही वादा किया हुआ उद्धारक था, जिसकी यहूदी लोगों के लिए, पुराने क़रार में भविष्यवाणी की गई थी।
सोचिए, जब उन्होंने वही मसीहा, वही गुरु, वही शिफ़ा देनेवाले को क्रूस पर मरते देखा, तब वे कितने उलझन में पड़ गए होंगे। अब वे क्या करने वाले थे? उन्होंने सब कुछ छोड़ कर, यीशु मसीह पर अपना ईमान रखा और उसका अनुसरण किया, लेकिन अब उनकी बुनियाद जैसे पूरी तरह टूट चुकी थी।
इम्माऊस की राह पर चल रहे दो चेलों ने कहा:
*“हमने उम्मीद की थी कि वही इस्राएल को आज़ाद करने वाला है।” — लूका २४:२१ HINOVBSI
वे, यीशु मसीह के क्रूस के असली मक़सद से अनजान थे, और उस वक़्त, वे उस क्रूस पर पुरे हुए काम को देख नहीं पा रहे थे। उनके सारे सपने और उम्मीदें टूट चुकी थीं।
मैं उनके लिए हमदर्दी महसूस कर सकती हूँ। कॅमरॉन और मैंने, कभी भारत देश को छोड़ने का सपना नहीं देखा था, लेकिन जब २०१९ में ख़ुदा ने हमें अमेरिका बुलाया और हम वहाँ चले गए, तो यह हमारा लिए एक मक़सद बन गया। फ़िर तीन साल बाद, अचानक वह सफ़र ख़त्म हो गया और हमें अमेरिका छोड़ना पड़ा, तो यह बात हमे समझ नहीं आयी। हमे पूरा यक़ीन था कि अमेरिका जाना, ख़ुदा की ही योजना थी। अब, कुछ सालों बाद, हम देख सकते हैं कि ख़ुदा ने हमारे लिए अमेरिका के बाहर कितनी बरक़तें पहलें से सजाकर रख दी थीं।
क्या आपने ख़ुदको कभी ऐसे हालातों में पाया हैं? क्या आप भी टूटे हुए सपनों या अपने सोचे हुए भविष्य के खो जाने से जूझ रहें हैं? यह आयत याद रखें:
*"ख़ुदा यह ऐलान करता है: 'तुम्हारे लिए बनाए गए हर मंसूबे को मैं जानता हूँ। ये मंसूबे तुम्हें नुक़सान पहुँचाने के लिए नहीं, बल्कि तुम्हे तरक्की, उम्मीद और एक रोशन भविष्य देने के लिए है।” — यिर्मयाह २९:११ HINOVBSI