• HI
    • AR Arabic
    • CS Czech
    • DE German
    • EN English
    • ES Spanish
    • FA Farsi
    • FR French
    • HI Hindi
    • HI English (India)
    • HU Hungarian
    • HY Armenian
    • ID Bahasa
    • IT Italian
    • JA Japanese
    • KO Korean
    • MG Malagasy
    • MM Burmese
    • NL Dutch
    • NL Flemish
    • NO Norwegian
    • PT Portuguese
    • RO Romanian
    • RU Russian
    • SV Swedish
    • TA Tamil
    • TH Thai
    • TL Tagalog
    • TL Taglish
    • TR Turkish
    • UK Ukrainian
    • UR Urdu
Publication date 3 अप्रै. 2026

क्योंकि मसीह, हमारा फ़सह का मेम्ना, क़ुर्बान किया जा चुका है।

Publication date 3 अप्रै. 2026

आज गुड फ़्राइडे है। वह दिन जब तक़रीबन २००० साल पहले, यीशु मसीह ने हमारे लिए क्रूस पर अपनी जान क़ुर्बान की।

कहते हैं कि यीशु मसीह शुक्रवार को मरा, लेकिन वो कोई मामूली दिन नहीं था। उसका क्रूस पर चढ़ाया जाना उसी दिन हुआ जिस दिन इस्राएल में फ़सह का त्योहार मनाया जा रहा था। और यह कोई इत्तेफ़ाक़ नहीं था, यह ख़ुदा की मुक़म्मल योजना थी।

जब इस्राएल लोग मिस्र से निकलने के लिए बेताब थे, तब ख़ुदा ने उन्हें यह निर्देश दिया: 

*“इस्राएल की सारी मण्डली से इस प्रकार कहो; इसी महीने के दसवें दिन को तुम अपने अपने पितरों के घरानों के अनुसार, घराने पीछे एक एक मेम्ना ले रखो… तुम्हारा मेम्ना निर्दोष और एक वर्ष का नर हो, और उसे चाहे भेड़ों में से लेना चाहे बकरियों में से। और इस महीने के चौदहवें दिन तक उसे रख छोड़ना, और उस दिन सांझ के समय इस्राएल की सारी मण्डली के लोग उसे बलि करें। तब वे उसके लहू में से कुछ लेकर जिन घरों में मेम्ने को खाएँगे उनके द्वार के दोनों अंगों और चौखट के सिरे पर लगाएँ।”निर्गमन १२:३, ५-७ HINOVBSI 

उसी रात, ख़ुदा का स्वर्गदूत, मिस्र देश पर ख़ुदा का न्याय लेकर गुज़रा और उसने हर पहलौठे को मार दिया। मग़र जिन घरों के दरवाज़ों पर मेम्ने का ख़ून लगा था, उन्हें बक़्श दिया।

यह घटना फ़िरौन के लिए आख़िरी चेतावनी थी, और उसने इस्राएली लोगों को आज़ाद करने का हुक़्म दिया।

आज भी यहूदी घराने में, फ़सह का त्योहार साल में एक बार लज़ीज़ खाने के साथ मनाते हैं, लेकिन यीशु मसीह के दिनों में, उन्होंने फ़सह के मेम्ने को क़ुर्बान करके मनाया।

यीशु मसीह को क्रूस पर, फ़सह के त्योहार के दौरान चढ़ाया गया, यह ठीक उसी वक़्त हुआ जब मंदिर के आँगन में फ़सह के मेम्ने को क़ुर्बान किया जा रहा था। 😳

मिस्र देश में रहनेवाले इस्राएलियों के दरवाज़े पर ऊपर-नीचे और दाएँ-बाएँ, लगाए गए फ़सह के मेम्ने के ख़ून ने उन्हें, ख़ुदा के न्याय से एक रात के लिए बचाए रखा। लेकिन यीशु मसीह, जो सच्चा और आख़री फ़सह का मेम्ना है, उसके क्रूस पर बहाए गए ख़ून ने हमे क़ायम के लिए ख़ुदा के क्रोध और न्याय से आज़ाद किया हैं!

*“पुराना ख़मीर निकाल दो ताकि तुम नई बेख़मीरी लोई बनो, जो तुम सच में हो। क्योंकि मसीह, हमारा फ़सह का मेम्ना, क़ुर्बान किया गया है।”१ कुरिन्थियों ५:७ HINOVBSI 

आज कुछ वक़्त निकालकर यीशु मसीह का शुक्र अदा करें कि उसने हमारे ग़ुनाहों के लिए ख़ुद को उस मुक़म्मल फ़सह के मेम्ने के रूप में क़ुर्बान कर दिया।

आप एक चमत्कार हैं।

Cameron Mendes
Author

Worship artist, singer-songwriter, dreamer and passionate about spreading the Gospel.